ब्यूरो चीफ पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा
शिमला / नई दिल्ली
देवभूमि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रचते हुए पूरे देश में अपनी साख का परचम लहरा दिया है। केंद्र सरकार के ‘उल्लास’ (ULLAS) नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव हासिल करने पर हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य की ओर से यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण किया।
गोवा के बाद देश में दूसरे पायदान पर हिमाचल
राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2022-23 में शुरू हुए ‘उल्लास’ कार्यक्रम को हिमाचल प्रदेश में 2023-24 से लागू कर सभी 12 जिलों में सघन अभियान चलाया गया।
8 सितंबर 2025 को हिमाचल को 99.3% साक्षरता दर के साथ पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया था।
राज्य ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए अब 99.55% साक्षरता दर हासिल कर ली है।
इस ऐतिहासिक आंकड़े के साथ हिमाचल अब देश का दूसरा सबसे साक्षर राज्य बन गया है; शीर्ष पर केवल गोवा (99.7%) मौजूद है।
राष्ट्रीय पटल पर हिमाचल का दूसरा बड़ा गौरव
पहाड़ी राज्य के लिए यह उपलब्धि दोहरी खुशी लेकर आई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस पहचान को प्रदेश की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर को मिले सम्मान के बाद अब शिक्षा के मोर्चे पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर द्वारा यह राष्ट्रीय सम्मान हासिल करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।
जुब्बल-कोटखाई की जनता और 12 जिलों के आशीर्वाद को समर्पित किया सम्मान
राष्ट्रीय मंच से सम्मान प्राप्त करने के बाद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का पूरा श्रेय सबसे पहले अपने गृह क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई की जनता और प्रदेश के सभी 12 जिलों के नागरिकों को दिया।
रोहित ठाकुर ने भावुक होते हुए कहा:
”यह सम्मान सबसे पहले मेरे जुब्बल-कोटखाई हलके की देवतुल्य जनता के चरणों में समर्पित है, जिन्होंने मुझे अपना आशीर्वाद देकर विधानसभा में पहुंचाया। जनता के उसी अटूट विश्वास की बदौलत आज मैं सरकार में मंत्री पद पर रहकर पूरे प्रदेश की सेवा कर पा रहा हूं। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों के बुजुर्गों, मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों का मैं कोटि-कोटि आभार व्यक्त करता हूं, जिनके आशीर्वाद से यह मुकाम हासिल हुआ है। जुब्बल-कोटखाई और पूरे हिमाचल की जनता ने जो भरोसा मुझ पर जताया है, उस पर मैं हमेशा खरा उतरूंगा और तन-मन-धन से प्रदेश के हर वर्ग की सेवा करता रहूंगा।”
शिक्षा विभाग की पूरी टीम और समाज का सामूहिक प्रयास
शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कामयाबी प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मठ शिक्षकों, जमीनी स्तर पर जुटे स्वयंसेवकों और शिक्षार्थियों के सामूहिक पसीने का नतीजा है। हिमाचल ने साक्षरता के क्षेत्र में पूरे देश के सामने एक जीवंत मिसाल पेश की है, जो शिक्षा के प्रति सरकार और समाज की दृढ़ प्रतिबद्धता को सिद्ध करती है।
ऐसी ही सच्ची, सटीक और निष्पक्ष खबरें देखने के लिए देखते रहें ‘पंजाब दस्तक’—आपका अपना चैनल। चैनल को सब्सक्राइब करें, फॉलो करें, शेयर करें और अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

