शिमला में मुख्यमंत्री से करुणामूलक आश्रितों का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करता हुआ

करुणामूलक नौकरियों के लिए शिमला में फिर गरमाया माहौल: एक महीने में नियुक्तियां देने की मांग, मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल

Spread the love

​विशेष रिपोर्ट: उमांशी राणा, वरिष्ठ पत्रकार
​शिमला (पंजाब दस्तक):

हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक आधार पर नौकरियों के लंबित मामलों को लेकर एक बार फिर राजधानी शिमला में हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को प्रदेश भर के सैकड़ों करुणामूलक आश्रित प्रदेश सचिव गुलशन कुमार की अध्यक्षता में माननीय मुख्यमंत्री से मिले। इस दौरान जिला संगठन पदाधिकारी अनिल बलिनिया, अभिषेक, निखिल और शादी लाल सहित भारी संख्या में करुणामूलक परिवारों के सदस्य अपनी मांगों को लेकर मौजूद रहे।


​विभिन्न विभागों और विश्वविद्यालयों में फंसे हैं सैकड़ों केस
मुख्यमंत्री के साथ हुई इस मुलाकात के दौरान प्रदेश सचिव गुलशन कुमार ने करुणामूलक परिवारों की दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि समस्त सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों के करुणामूलक मामले इस समय सेक्रेटरी लेवल पर अटके हुए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार सभी विभागों और यूनिवर्सिटी प्रशासन को इन मामलों का त्वरित निपटारा करने के कड़े निर्देश जारी करे। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार लंबे समय से रोजगार की आस लगाए बैठे हैं और मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ही उन्हें चक्कर काटते हुए करीब तीन साल का समय बीत चुका है।


​1100 मामलों में एक महीने के भीतर नियुक्तियां देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष मुख्य मांग रखते हुए कहा कि वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या Fin(F)-F-(1)-1/2025 दिनांक 08-10-2025 के तहत मिली छूट और 3 लाख रुपये की फ्लैट आय सीमा के बाद स्क्रीनिंग पास कर चुके करीब 1100 मामलों को जल्द अंतिम रूप दिया जाए। विभिन्न विभागों और यूनिवर्सिटी के ये चयनित मामले अभी सेक्रेटरी स्तर या वित्त विभाग में लंबित हैं। संघ ने पुरजोर मांग की है कि इन सभी अभ्यर्थियों के टाइपिंग टेस्ट आयोजित कर क्लास-सी और क्लास-डी श्रेणियों में एक महीने के भीतर नियुक्तियां प्रदान की जाएं।


​रिजेक्ट केसों पर पुनर्विचार और अधिसूचना की अवधि बढ़ाने की अपील
गुलशन कुमार ने मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया कि रिजेक्ट हो चुके मामलों पर पुनर्विचार के लिए सरकार द्वारा हाल ही में जो अधिसूचना जारी की गई है, उसमें आय सीमा को 3 लाख रुपये फ्लैट नहीं दर्शाया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 08-10-2025 की अधिसूचना संख्या Fin(F)-F-(1)-1/2025 की समय-सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किया जाए, ताकि जो मामले 3 लाख रुपये के दायरे में आते हैं और पूर्व में किन्हीं कारणों से रिजेक्ट हो चुके हैं, उन्हें भी इसका पूरा लाभ मिल सके।


​मुख्यमंत्री ने दिया त्वरित कार्रवाई का आश्वासन
माननीय मुख्यमंत्री ने करुणामूलक संघ की इन सभी मांगों और समस्याओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन मामलों पर जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और सरकार पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता करेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि रिजेक्ट हो चुके केसों के लिए भी 3 लाख रुपये की फ्लैट आय सीमा पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
​पंजाब दस्तक की लेटेस्ट खबरों के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और पेज को फॉलो करना न भूलें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *