प्रधानमंत्री पंजाब दौरे के दौरान ₹3,200 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और संबोधन करते हुए।

पंजाब को ₹3,200 करोड़ की सौगात: पीएम ने दी विकास परियोजनाओं की बड़ी गारंटियां, विपक्ष पर बरसे

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​विशेष ब्यूरो, पंजाब दस्तक
रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा (ब्यूरो चीफ, चंडीगढ़)

​प्रधानमंत्री ने आज पंजाब के ऐतिहासिक दौरे के दौरान राज्य को ₹3,200 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी है। चंडीगढ़ से जारी इस विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने जहां एक तरफ पंजाब के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, वहीं दूसरी तरफ राज्य की वर्तमान सत्ताधारी सरकार की प्रशासनिक विफलताओं, कर्ज के संकट और कानून-व्यवस्था पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया।


​प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य में विज्ञापनों के दम पर जनता के साथ हो रहे विश्वासघात की असल तस्वीर को अब और छिपाया नहीं जा सकता।


​1. पंजाब को विकास की बड़ी सौगात: प्रमुख उद्घाटन और शिलान्यास
​प्रधानमंत्री ने पंजाब के विकास चक्र को गति देने के लिए करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स जनता को समर्पित किए:
​सड़क एवं बुनियादी ढांचा: राज्य में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नए राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों का शिलान्यास किया गया, जिससे व्यापार और माल ढुलाई सुगम होगी।
​स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती: पंजाब में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए नए स्वास्थ्य केंद्रों और आधुनिक चिकित्सा ब्लॉकों का उद्घाटन किया गया।
​कृषि और ग्रामीण विकास: सीमावर्ती क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने के लिए विशेष फंड जारी किए गए।


​2. वित्तीय कुप्रबंधन: “कर्ज के पैसे पर चल रही लूट”
​प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों का लेखा-जोखा रखते हुए राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़े सवाल उठाए:
​लाखों-करोड़ का केंद्रीय फंड: केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में पंजाब के विकास के लिए लाखों-करोड़ रुपए भेजे गए। इस पैसे से गांवों के पक्के रास्ते, नई नहरें और आधुनिक अनाज मंडियां बननी चाहिए थीं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
​कर्ज के जाल में फंसा बजट: राज्य सरकार पंजाब के नाम पर लगातार नया कर्ज ले रही है। स्थिति यह हो चुकी है कि पंजाब का मौजूदा बजट सिर्फ पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने में ही खत्म हो रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग जनता के पैसे पर मौज कर रहे हैं।


​3. बेहाल कानून-व्यवस्था: थानों पर अटैक और फिरौती का खेल
​राज्य की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:
​गैंगवार और गोलीबारी का साया: आज पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। व्यापारी और आम जनता इस खौफ में जी रहे हैं कि कब, कहां गैंगवार छिड़ जाए और किस दिशा से गोलियां चलने लगें।
​असुरक्षित पुलिस तंत्र: आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाली पुलिस खुद महफूज नहीं है; आए दिन पुलिस थानों पर सीधे हमले हो रहे हैं।
​कारोबारियों से वसूली: सरेआम लोगों और व्यापारियों से रंगदारी व फिरौती मांगी जा रही है, जिससे राज्य में नया निवेश ठप हो गया है और व्यापार करना मुश्किल हो चुका है।


​4. युवाओं का भविष्य और नशे का बढ़ता दलदल
​युवा पीढ़ी के भविष्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने वर्तमान सरकार को घेरा:
​सौदागरों को खुली छूट: नशे के सौदागर आज पंजाब में सरेआम और बेखौफ घूम रहे हैं।
​बर्बादी की कगार पर युवा: पंजाब के होनहार नौजवानों को जानबूझकर नशे के दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे राज्य का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।


​5. केंद्रीय योजनाओं पर ‘स्टीकर राजनीति’ और भ्रष्टाचार
​प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि अपनी कोई ठोस उपलब्धि न होने के कारण राज्य सरकार केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को अपना बताकर भुना रही है:
​आयुष्मान आरोग्य मंदिर: पूरे देश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ पर पंजाब सरकार ने अपनी ब्रांडिंग का स्टीकर चिपका दिया है।
​मुफ्त इलाज योजना से खिलवाड़: देश भर के गरीबों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज देने वाली ‘आयुष्मान भारत योजना’ के साथ भी पंजाब में राजनीतिक खेल खेले जा रहे हैं।


​दागी मंत्रियों की फौज: भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यहां जिसे स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, उसे घूसखोरी के चलते बर्खास्त करना पड़ा। एक अन्य मंत्री पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं और विधायक रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं। वसूली, उगाही और अवैध कब्जे ही अब इनकी राजनीति का असली ट्रेडमार्क बन चुके हैं।


​पंजाब के कायाकल्प के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार जरूरी
​प्रधानमंत्री ने अंत में पंजाब के सामर्थ्य की सराहना करते हुए कहा कि यहां के किसानों और नौजवानों में देश को आगे ले जाने की अद्भुत क्षमता है। पंजाब तेजी से विकास के पथ पर लौट सकता है, लेकिन इसके लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी की ‘डबल इंजन सरकार’ का होना बेहद जरूरी है, जैसा कि देश के अन्य बीजेपी शासित राज्यों में देखा जा सकता है।


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