पंजाब दस्तक, वरिष्ठ पत्रकार भेषज, कांगड़ा:
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष समागम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के अंधकार से बाहर निकालकर खेल के मैदान से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के वरिष्ठ सदस्य एवं एचपीसीए के पूर्व सचिव कुमार सुमित ने शिरकत की।

खेल और उत्तम स्वास्थ्य के अंतर्संबंध को रेखांकित करता एक बेहद सुंदर संस्कृत श्लोक इस गरिमामयी आयोजन की सार्थकता को बयां करता है:
”व्यायामात् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्।
आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्॥”
(अर्थात: खेल और व्यायाम से स्वास्थ्य, लम्बी आयु, बल और सुख की प्राप्ति होती है। निरोगी होना परम भाग्य है और स्वास्थ्य से ही सभी कार्य सिद्ध होते हैं।)
जनसेवा और खेल विकास के प्रतिमान: मुनीष शर्मा का अनुकरणीय योगदान
कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष तथा बास्केटबॉल संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुनीष शर्मा ने मुख्य अतिथि सहित सभी खेल प्रेमियों का आत्मीय स्वागत किया। पंजाब दस्तक की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, मुनीष शर्मा सिर्फ खेल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहते हैं। उनके इस निस्वार्थ सेवा भाव, दिन-रात की जा रही समाजसेवा और खेल जगत को बुनियादी स्तर पर मजबूत करने के असाधारण प्रयासों की कार्यक्रम में मौजूद हर एक शख्सियत ने खुलकर सराहना की।इस दौरान, जिला परिषद अध्यक्ष रमेश बरार ने भी युवाओं को खेल के माध्यम से जीवन में अनुशासन अपनाने का संदेश दिया।
संकीर्णता की बेड़ियों को तोड़ पेशेवर खिलाड़ी बनें युवा: मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि कुमार सुमित ने अपने संबोधन में युवा शक्ति से आह्वान किया कि वे नशे जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकें। उन्होंने कहा:
”खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। आज हमारे युवाओं को जातिवाद, क्षेत्रवाद और संकीर्ण मानसिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर अपनी पूरी ऊर्जा खेल के मैदान में लगानी चाहिए, ताकि वे एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में देश-दुनिया में अपनी अनूठी पहचान स्थापित कर सकें।”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के ‘लोगो’ का उदाहरण देते हुए कहा कि यह वैश्विक एकता और सांस्कृतिक भाईचारे का प्रतीक है, जो दुनिया को आपस में जोड़ता है।

केंद्र सरकार की ‘टॉप्स’ योजना और खेलो इंडिया से बदला देश का खेल परिदृश्य
कुमार सुमित ने खेल जगत में आए ऐतिहासिक बदलावों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व खेल मंत्री व सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में शुरू की गई टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) ने भारतीय खेल इतिहास को बदल कर रख दिया है। राहुल द्रविड़ और अभिनव बिंद्रा जैसे महान खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में इस योजना ने जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को तराशा है।
खेलो इंडिया और फिट इंडिया का व्यापक प्रभाव: खेलो इंडिया के जरिए 63 हजार से अधिक खिलाड़ियों को मंच मिला, जबकि फिट इंडिया से ढाई करोड़ से ज्यादा युवा जुड़े। इनमें से सर्वश्रेष्ठ 300 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ‘टॉप्स’ (TOPS) के तहत विश्व स्तरीय कोचिंग दी जा रही है।
पदकों की रिकॉर्ड बारिश: इसी का नतीजा है कि भारत ने 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में क्रमशः 66 और 61 पदक जीते। वहीं एशियाई खेलों में 2018 के 70 पदकों के मुकाबले 2022 में रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर देश का सीना गर्व से चौड़ा किया। पैरालंपिक में भी हमारे जांबाजों का प्रदर्शन लगातार इतिहास रच रहा है।
पूर्व जयराम ठाकुर सरकार की 3% आरक्षण नीति की विशेष सराहना
हिमाचल प्रदेश में खेलों के ग्राफ को ऊपर ले जाने का जिक्र करते हुए कुमार सुमित ने पूर्व की जयराम ठाकुर सरकार की नीतियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूर्व जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में खेल बजट में न केवल रिकॉर्ड बढ़ोतरी की, बल्कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 3% आरक्षण देने का जो ऐतिहासिक फैसला लिया था, उसने प्रदेश के युवाओं के भीतर खेलों के प्रति एक नया विश्वास और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद जगाई, जो वाकई बेहद प्रशंसनीय कदम था।
जन जागरूकता के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
समारोह के अंतिम चरण में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सहयोग देने की शपथ दिलाई गई। जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों ने खेल संस्कृति को घर-घर पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
इस मौके पर ओलंपिक संघ के जिला अध्यक्ष सतेन्द्र त्रेहन (जिन्होंने मुख्य अतिथि का स्वागत किया), एचपीसीए संयुक्त सचिव विशाल शर्मा, विवेक दीवान, ब्रजेंद्र चौधरी, सदस्य ईशान, विनोद बरार, पार्षद शुभम, विनोद शर्मा, सुरेश, रिंकू चौधरी, मोना बाल्या, चरणजीत पुरेवाल, पवन कुमार एवं संजीव रतन सहित भारी संख्या में प्रशिक्षक, खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
पंजाब दस्तक की विशेष अपील 📢
नशा जीवन का नाश है, खेल ही उज्ज्वल भविष्य का प्रकाश है! आइए, हम सब मिलकर अपने युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करें और समाज से नशे जैसी सामाजिक बुराई को उखाड़ फेंकें।
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