हमीरपुर (नादौन) | वरिष्ठ पत्रकार उमांशी राणा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में पंचायत चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। भाजपा ने मुख्यमंत्री के गढ़ में जोरदार सेंधमारी करते हुए जिला परिषद और ब्लॉक विकास समिति (BDC) के चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है। भाजपा की इस जीत ने कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर दिया है, जबकि मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। इसके साथ ही, उपमुख्यमंत्री के गृह जिले में भी भाजपा ने बढ़त बनाकर अपनी राजनीतिक धमक दिखाई है।
चुनावी नतीजों का विश्लेषण
भाजपा ने अपनी संगठनात्मक रणनीति और जमीनी पकड़ के दम पर इन परिणामों में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है:
जिला परिषद: कुल 4 वार्डों में से भाजपा ने 3 वार्डों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस केवल 1 वार्ड तक सिमट कर रह गई है।
BDC (नादौन): ब्लॉक विकास समिति के कुल 27 वार्डों में से 15 वार्डों पर भाजपा ने जीत हासिल कर अपना दबदबा बरकरार रखा है। इस परिणाम से साफ है कि नादौन में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है।
जीत पर पूर्व विधायक की प्रतिक्रिया
परिणामों के बाद पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री ने भाजपा की इस जीत को जनमत की विजय बताया। उन्होंने कहा:
”यह जीत कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों और उनके अधूरे वादों का प्रत्यक्ष परिणाम है। नादौन की जागरूक जनता ने विकास और जनहित की राजनीति को चुना है। यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में भाजपा और अधिक मजबूती के साथ उभरेगी।”
भाजपा की इस विजय और जनता के परिश्रम को दर्शाते हुए यह श्लोक अत्यंत उपयुक्त है:
”उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः॥”
अर्थ: केवल इच्छा करने से कार्य सिद्ध नहीं होते, परिश्रम करने से ही होते हैं। जिस प्रकार सोते हुए सिंह के मुख में हिरण स्वयं प्रवेश नहीं करते, उसी प्रकार परिश्रम के बिना सफलता नहीं मिलती।
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