रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा, ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक
मोहाली: मोहाली के वार्ड नंबर 23 में चुनाव मतगणना के दौरान हुई कथित धांधली को लेकर अब मामला और गंभीर हो गया है। वार्ड के सभी प्रत्याशियों ने मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह से संदेहास्पद बताते हुए प्रशासन के समक्ष एक बड़ी मांग रखी है। प्रत्याशियों ने स्पष्ट कहा है कि मतगणना केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को सार्वजनिक किया जाए और उसकी निष्पक्ष जांच की जाए।
”सीसीटीवी फुटेज ही खोलेगी धांधली की पोल”
उम्मीदवारों का तर्क है कि जब मतगणना हो रही थी, तो वहां सुरक्षा के लिए कैमरे लगे हुए थे। अब सभी उम्मीदवार प्रशासन से यह मांग करने जा रहे हैं कि मतगणना वाले कमरे की उस पूरी अवधि की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग तुरंत कब्जे में ली जाए और उसे सील किया जाए। प्रत्याशियों का मानना है कि यदि प्रशासन वास्तव में पारदर्शी है, तो वह वीडियो फुटेज की जांच से पीछे नहीं हटेगा।
प्रत्याशियों का आरोप: “तीसरी पेटी खोलते समय ही साजिश क्यों?”
उम्मीदवारों ने आरोप लगाया है कि जब तीसरी पेटी खोली गई, तब वहां मौजूद एजेंटों को अंधेरे में रखा गया और उनकी अनुपस्थिति में हेराफेरी की गई। अब प्रत्याशियों का सीधा सवाल है कि क्या प्रशासन छिपा रहा है? इसी कारण, प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वह तुरंत वीडियो फुटेज मंगवाए और यह देखे कि उस समय कमरे के अंदर क्या हो रहा था।
चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे उम्मीदवार
वार्ड नंबर 23 के सभी उम्मीदवारों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि यदि प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की, तो वे राज्य चुनाव आयोग के पास जाकर शिकायत करेंगे। उनका कहना है कि इस वीडियो फुटेज के बिना सच्चाई सामने नहीं आ सकती और वे लोकतंत्र के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को चुपचाप सहन नहीं करेंगे।
पंजाब दस्तक की विशेष टिप्पणी
क्या मोहाली प्रशासन अपनी साख बचाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराएगा? या फिर सीसीटीवी फुटेज के साथ भी कोई छेड़छाड़ की जाएगी? पंजाब दस्तक इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और मांग करता है कि प्रत्याशियों की यह जायज मांग प्रशासन तुरंत पूरी करे।
