हमीरपुर में सियासी घमासान, अवैध खनन पर कार्रवाई और जल संकट से हंगामा

हमीरपुर में सियासी घमासान, अवैध खनन पर कार्रवाई और जल संकट से हंगामा

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वरिष्ठ पत्रकार: उमांशी राणा
​हमीरपुर मुख्यालय: राजनीतिक गलियारों में हलचल, आगामी चुनावों को लेकर विपक्ष ने कसी कमर, सरकार की घेराबंदी तेज
​जिला मुख्यालय हमीरपुर में पिछले कल देर शाम हुई विपक्ष की एक अहम बैठक के बाद जिले का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। स्थानीय नेताओं ने क्षेत्र में लंबित पड़ी विकास परियोजनाओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर वर्तमान सरकार को आड़े हाथों लिया। बैठक में रणनीति बनाई गई है कि आने वाले दिनों में ब्लॉक स्तर पर बड़े पैमाने पर जन-आक्रोश रैलियां आयोजित की जाएंगी। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस धारदार घेराबंदी से सत्तापक्ष पर प्रशासनिक सुधारों को लेकर दबाव बेहद बढ़ गया है।


​भोरंज ब्लॉक: प्रशासनिक ढर्रे पर उपायुक्त का कड़ा रुख, औचक निरीक्षण में नदारद मिले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
​भोरंज उपमंडल के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में आज सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब जिलाधीश की टीम ने अचानक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों से गायब मिले, जबकि दफ्तरों के बाहर आम जनता के काम अटके हुए थे। इस प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने ड्यूटी से नदारद पाए गए सभी कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब तलब किया है। साफ संदेश है कि जनता के काम में ढील बर्दाश्त नहीं होगी।


​सुजानपुर ब्लॉक: ब्यास नदी के तटीय इलाकों में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, तीन पोकलेन मशीनें सील
​सुजानपुर और इसके साथ लगते ब्यास नदी के तटीय क्षेत्रों में पिछले काफी समय से सक्रिय खनन माफिया के खिलाफ आज तड़के पुलिस और खनन विभाग ने संयुक्त रूप से एक गुप्त और धारदार कार्रवाई अमल में लाई। माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए टीम ने मौके पर अवैध रूप से खुदाई कर रही तीन भारी पोकलेन मशीनों और दो टिप्परों को जब्त कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


​नादौन ब्लॉक: एनएच किनारे बसे व्यापारियों और प्रशासन के बीच तनातनी, अतिक्रमण हटाने के नोटिस से भड़के दुकानदार
​नादौन मुख्य बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा नोटिस के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष देखा जा रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि वे दशकों से यहाँ अपनी दुकानें चला रहे हैं और इस तरह अचानक बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें उजाड़ना सरासर गलत है। आज सुबह व्यापार मंडल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने अपना रुख नरम नहीं किया तो बाजार को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।


​बड़सर ब्लॉक: बिझड़ी क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर महिलाओं का फूटा गुस्सा, मुख्य सड़क पर लगाया जाम
​बड़सर उपमंडल के तहत आने वाले बिझड़ी और आसपास के गांवों में पिछले कई दिनों से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का सब्र का बांध आज सुबह टूट गया। भारी संख्या में महिलाओं ने खाली बर्तनों के साथ मुख्य चौक पर पहुंचकर सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया और विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि रसूखदार इलाकों में नियमित सप्लाई हो रही है, जबकि गरीब बस्तियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर जल्द समस्या सुलझाने के वाश्वासन के बाद ही जाम खुल सका।


​टौनी देवी ब्लॉक: स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों के खाली पड़े पदों पर भड़का जन-आक्रोश, सरकार को अल्टीमेटम
​टौनी देवी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले मुख्य स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई हैं। पिछले कल एक आपातकालीन मरीज को समय पर इलाज न मिलने और टांडा रेफर किए जाने के बाद आज सुबह स्थानीय सामाजिक संस्थाओं और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर यहाँ स्थाई डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।


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