हिमाचल पर्यटन विकास निगम के होटलों पर खर्च होंगे 250 करोड़, नगरोटा में बनेगा प्रदेश का पहला बड़ा होटल, म्यूजिकल फाउंटेन होगा आकर्षण का केंद्र, 180 करोड़ स्वीकृत।

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शिमला, सुरेंद्र राणा: हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। पर्यटन निगम की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (BOD) की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं। पर्यटन निगम के अध्यक्ष आर एस बाली ने बताया कि नगरोटा बगवां बनेर खड्ड के किनारे 180 करोड़ का बड़ा होटल बनाने जा रहे हैं। ये होटल एडीबी प्रोजेक्ट के तहत बन रहा है। इस होटल में प्रदेश का पहला म्यूजिकल फाउंटेन बनेगा। धौलाधार की खुबसूरत पहाड़ियों के तल पर बनाने वाले इस होटल को फाइव स्टार की श्रेणी के तहत बनाया जाएगा। इस होटल के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा टेंडर छः अप्रैल को फाइनल किया जाएगा।

आर एस बाली ने बताया कि हिमाचल पर्यटन निगम ने पिछले साढ़े तीन साल में अपनी टर्न ओवर में लगातार वृद्धि की है। 2021-22में निगम की जो टर्न ओवर 78 करोड़ थी जिसको 2022-23 में 109 करोड़, 2023 -24 में 105 करोड़ और 2024-25 में बढ़ाकर 107 करोड़ पहुंचाया है। इससे पहले कभी भी ये आंकड़ा 100 करोड़ को पार नहीं कर पाया था। इसमें सरकार से किसी तरह का कोई अनुदान नहीं लिया गया। इस बार भी रेनोवेशन के बाबजूद 100 करोड़ की टर्न ओवर को पार करेंगे। अभी भी पर्यटन निगम के होटलों को रेनोवेशन की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 2000 करोड़ रुपए खर्च किया गया है। लोगो को उनकी जमीन का मुआवजा दे दिया गया है। एयरपोर्ट की तरह ही हिमाचल में हेलीपोर्ट का भी विस्तार हो रहा है।

शिमला में HPTDC के होटल हॉलिडे होम पर 45 करोड़ रुपया खर्च किया जाएगा। जिसके लिए केंद्र से स्वीकृति मिल गई है। मनाली के तीन होटलों का रिन्यूवेशन कार्य चल रहा है,। हमीर होटल 20 करोड़ खर्च करने जा रहे है। होटल ज्वालाजी में 35 करोड़ खर्च करने जा रहे है। पालमपुर और हमीरपुर के हेलीपोर्ट पर दस दस करोड़ खर्च करने जा रहे हैं। केंद्र से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। नादौन कॉम्प्लेक्स के लिए 15 करोड़, जबकि देहरा टूरिज्म कॉम्प्लेक्स पर 10 करोड़ खर्च होंगे जिसकी स्वीकृति भी केन्द्र से मिल गई है।

पर्यटन निगम ने BOD की बैठक में 24*7 कॉल सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। फ्लाइंग स्क्वायड बनाने का भी निर्णय लिया है, जो ये देखेगा कि जो होटल के रूम लगे हैं उनका बिल कटा है कि नहीं कटा है या होटलों में कोई अनियमिताएं तो नहीं है। होटलों के रेनोवेशन के वक्त आमदनी बंद होने की स्थिति में टर्न ओवर कम हो सकती हैं, ऐसे में सरकार कर्मियों को वेतन दे, उनके वेतन को भी होटलों के रेनोवेशन में जोड़ा जाए। हिमाचल के होटलों पर 250 करोड़ खर्च करने जा रहें हैं।

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