शिमला, सुरेंद्र राणा: सरकार के राजस्व एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रदेश के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल पर तीखा हमला बोला है। नेगी ने कहा कि पूर्व राज्यपाल का कार्यकाल जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के लिए नाइंसाफी भरा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि नौतोड़ मामले में मंजूरी न देकर सीमावर्ती जनजातीय इलाकों के लोगों के साथ अन्याय किया गया। साथ ही उन्होंने राज्यपाल के “वर्क कल्चर” वाले बयान को भी संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया।
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि नौतोड़ के मुद्दे को लेकर वह पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आठ बार मिलने गए, लेकिन तीन साल से लंबित इस मामले में कोई प्रगति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि नौवीं बार मिलने की कोशिश भी की, लेकिन राज्यपाल टिप्पणी करके चले गए।
वर्क कल्चर को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेगी ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओर से ऐसा बयान देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि अगर राज्यपाल को सही जानकारी नहीं दी जा रही थी तो संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर कार्रवाई कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यपाल और विपक्ष के लोग जनजातीय समुदाय के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर भी मंत्री नेगी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर हर विषय के विशेषज्ञ नहीं हो सकते। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि इस विषय पर जयराम ठाकुर क्यों चुप हैं।
जयराम ठाकुर के उस बयान पर कि “मंत्रिमंडल नहीं, मित्र मंडल सरकार चला रहा है”, नेगी ने कहा कि अपने कार्यकाल में जयराम ठाकुर किस तरह का ‘मित्र मंडल’ चला रहे थे, यह सबको पता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति के लिए पूर्व भाजपा सरकार और जयराम ठाकुर जिम्मेदार हैं।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश पर ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है।
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन के मुद्दे पर बोलते हुए नेगी ने कहा कि भाजपा अपने ही राष्ट्रपति का सम्मान नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति को खड़ा रखा गया जबकि प्रधानमंत्री कुर्सी पर बैठे थे। नेगी ने कहा कि शायद जनजातीय समुदाय से आने के कारण ऐसा हुआ।
उन्होंने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि वह शेरनी की तरह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ रही हैं।
