दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था इस समय अच्छी स्थिति में है और खुदरा मुद्रास्फीति, विशेषकर कोर मुद्रास्फीति, निचले स्तर पर बनी हुई है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय द्विमासिक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले लंबे समय तक ब्याज दरें निचले स्तर पर रह सकती हैं। साथ ही, रेपो रेट में आगे और कटौती की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया।एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि, गवर्नर के बयानों से संकेत मिलता है कि भविष्य में इसमें और कमी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो बैंकों की ब्याज दरों में और गिरावट आ सकती है, जिसका असर सावधि जमा (एफडी) पर मिलने वाले रिटर्न पर भी पड़ेगा। इससे बचत करने वाले निवेशकों को झटका लग सकता है।इस बीच, समिति ने चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान 7.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। वहीं डिजिटल बैंकिंग के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में ग्राहकों को राहत देने के लिए आरबीआई ने 25 हजार रुपये तक की राशि वापस करने का प्रस्ताव किया है। गवर्नर ने बताया कि इसके लिए जल्द ही एक फ्रेमवर्क जारी किया जाएगा, जिसमें 50 हजार रुपये या उससे कम की धोखाधड़ी के मामलों को शामिल किया जाएगा।
