शिमला, सुरेन्द्र राणा:हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज शिमला में राज्य परिवहन विकास और सड़क सुरक्षा परिषद की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ट्रांसपोर्ट विभाग के राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग का राजस्व पूर्व सरकार की तुलना में अब तक 37 फ़ीसदी बढ़ा है। साथ हीधर्मशाला के नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी जिपलाइन परियोजना तैयार की जा रही है, जो पूरी तरह ग्रीन प्रोजेक्ट होगी।उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य परिवहन विभाग ने अब तक 2600 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पूर्व सरकार की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में लगभग 1500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि विभाग ऑटो अप्रूवल मैकेनिज्म की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे RTO, MVI और SDM की भूमिका को कम किया जा रहा है। गुड्स कैरेज परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी कई सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मोबाइल फिटनेस सुविधा के माध्यम से वाहनों की फिटनेस जांच और अप्रूवल भी ऑनलाइन किया जाएगा।
अग्निहोत्री ने बताया कि ट्रांसपोर्ट विभाग नड्डी में एशिया का सबसे बड़ा जिपलाइन प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। यह 4.2 किलोमीटर लंबा ग्रीन प्रोजेक्ट होगा, जिसमें किसी भी प्रकार का पेड़ कटान नहीं किया जाएगा।वहीं शिमला रोपवे प्रोजेक्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना अपनी तय समय सीमा से 4 से 5 साल पीछे चल रही है। लागत बढ़ने के चलते इस प्रोजेक्ट को राय के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है, क्योंकि योजना का 80 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाना है।बाइट,,,मुकेश अग्निहोत्री, उप मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेशउप-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में कांगड़ा, सिरमौर और मंडी में ATS बनाए जा रहे हैं, जबकि हरोली और नादौन में सरकारी ATS स्थापित किए जा रहे हैं।स्क्रैपिंग पॉलिसी पर भी विभाग सक्रियता से काम कर रहा है। सोलन और हमीरपुर में दो स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं और अब तक 1692 पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जा चुका है।राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत सरकार द्वारा 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है, जबकि पुरानी टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। पहले चरण में 1000 पुरानी टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 390 ई-बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।ई-टैक्सी के लिए आवेदन 15 जनवरी से 4 फरवरी तक और ई-बस के लिए 8 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे।मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में कुल 24,48,591 वाहन पंजीकृत हैं और औसतन हर 9 व्यक्तियों पर एक वाहन है। ई-चालान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग को पूरी तरह से सुसज्जित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 600 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें सुरक्षित बनाने का कार्य जारी है। वर्तमान में केवल 4 प्रतिशत क्षेत्रों में क्रैश बैरियर लगे हैं, जबकि शेष स्थानों पर कार्य किया जाना है।प्रदेश में 129 स्थानों पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को दो एक्सीडेंट मामलों में चयनित अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। यह योजना शिमला, मंडी और ऊना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त दो लाख रुपये का बीमा और 50 हजार रुपये घायल व्यक्ति को दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत और दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
