गर्भाशय से निकाली 5.21 किलो रसोली

Spread the love

बिलासपुर, काजल: मंडी में भारत का सबसे बड़ा मेडिकल रिकार्ड बना है। डाक्टर उदय भानू ने 5.21 किलो फाइब्रॉएड (रसोली) को लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से निकाला है। इस सर्जरी से महिला को नई जिंदगी मिली है। वहीं न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी में विश्वस्तरीय रिकार्ड भी बना है। मंडी के एक निजी अस्पताल में न्यूनतम इनवेसिव स्त्री रोग शल्य चिकित्सा में यह उपलब्धि दर्ज हुई है। कई वर्षों से गंभीर पीड़ा झेल रही एक महिला को विशाल गर्भाशय फाइब्रॉएड से मुक्ति दिलाई गई। पीडि़ता लंबे समय से पेट के असामान्य रूप से बढऩे, अत्यधिक मासिक रक्तस्राव और गंभीर दबाव संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। जांच में पता चला कि उसके गर्भाशय में मौजूद फाइब्रॉएड का आकार पूर्ण अवधि की गर्भावस्था के बराबर था, जिसने उसके जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। गर्भाशय के अत्यधिक बड़े आकार और जटिलताओं को देखते हुए सर्जरी अनिवार्य हो गई।तीन घंटों तक चली सर्जरीयह अत्यंत जटिल सर्जरी वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक सर्जन डा. उदय भानु राणा द्वारा सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी में लगभग 2.5 से 3 घंटे का समय लगा और यह तकनीकी रूप से अत्यधिक चुनौतीपूर्ण रही। सर्जरी के दौरान गर्भाशय का असाधारण आकार व वजन, श्रोणि संरचना का गंभीर रूप से विकृत होना, आपरेशन के लिए सीमित स्थान तथा अत्यधिक रक्त प्रवाह जैसी कई जटिल समस्याएं सामने आईं, जो सामान्यत: शल्य जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं।बंगलुरु का रिकार्ड तोड़ाबंगलुरु दक्षिण भारत में पहली बार लगभग 4.005 किलोग्राम का फाइब्रॉएड यूटरस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से निकाला गया। यह एक बड़ा रिकार्ड था। ज्यादातर मामलों में लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से निकाले जाने वाले फाइब्रॉएड 500 ग्राम से 2-3 किलो तक के होते हैं। 5 किलो से ऊपर बहुत ही दुर्लभ होते हैं और केवल बहुत अनुभवी सर्जन ही ऐसा कर पाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *