धर्मशाला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीत सत्र में गुरुवार को सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन एक्ट लागू है। इस एक्ट को अब पूरी तरह से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक्ट के लागू होने की स्थिति में राज्य निर्वाचन आयोग भी किसी तरह के निर्देश जारी नहीं कर सकता है। जैसे ही आपदा प्रबंधन एक्ट हटेगा, वैसे ही चुनाव करवा दिए जाएंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार ने कुछ नई पंचायतें भी बनानी हैं। नालागढ़ में तो कुछ ऐसी पंचायतें भी हैं, जहां नौ-नौ हजार की जनसंख्या है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के इस जवाब के बाद असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पंचायत चुनाव पर भाजपा के स्थगन प्रस्ताव के जवाब में कहा कि जून में पंचायतों के पुनर्गठन और वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू हुई। चुनाव आयोग ने अपना काम किया, सरकार ने उसमें कोई दखल नहीं दिया। लेकिन, हमने यह कल्पना भी नहीं की थी कि 2023 से भी बड़ी आपदा 2025 में आएगी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के क्षेत्र में भी बड़ी आपदा आई, मुख्यमंत्री के नाते मैं उनके संपर्क में रहा, हमने अपने पूरे संसाधन लगाए। हमारे संसाधन सीमित थे, बावजूद इसके त्वरित कार्रवाई की गई। मणिमहेश यात्रा भी आपदा से अछूती नहीं रही। हमारे राजस्व मंत्री 9 दिन भरमौर में रहे, उन्हें अवरुद्ध सड़क मार्ग को खुलवाया और यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाया। उसके बाद कुल्लू जिला व कांगड़ा के इंदौरा व फतेहपुर में आपदा आ गई।
