शिमला, सुरेंद्र राणा: भारतीय किसान संघ ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए प्रदेश सरकार से मदद की मांग की है। शिमला में हुई दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में सरकार को किसानों के पुनर्वास और मुआवजे के लिए ठोस नीति बनाने की सरकार से माँग की है।भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साई रेडी ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल के हजारों किसानों की उपजाऊ भूमि और बाग बगीचे नष्ट हो गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों को कम से कम पाँच बीघा भूमि पुनर्वास के लिए उपलब्ध करवाई जाए और प्रत्येक ग्रामीण किसान परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने प्रदेश में सरकारी भूमि को निजी पर्यटन कंपनियों के हाथों में देने का कड़ा विरोध किया और कहा कि कृषि भूमि किसी भी हाल में किसानों के हाथों से नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह केंद्र के समक्ष भी किसानों की दिक्क़तों को उठाएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कृषि भूमि खरीदने पर भी चिंता जताई और इसे रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने की मांग की। वहीं हिमाचल के बागवानों को सेब में न्यूनतम समर्थन मूल्य और स्टोर बनाने की आवश्यकता है ताकि सेब का सही मूल्य मिल सके।
