शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एक अत्याधुनिक और प्रदेश के सबसे बड़े आवासीय नगर को बसाने की योजना पर काम जोरों से चल रहा है। ये योजना राज्य के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) को सौंपी है। इसके लिए एक विशाल भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
हिमुडा को लगभग 10,000 बीघा भूमि की तलाश करने का लक्ष्य दिया गया है। इस जमीन की खोज के लिए हिमुडा की टीम ने कांगड़ा जिले के विभिन्न उपमंडलों का दौरा किया और अब उन्होंने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लंज कस्बा में एक बड़े भू-खंड का चयन किया है। यह क्षेत्र लंज और गाहलियां गांव के बीच स्थित है, जहां सरकारी और निजी भूमि का संयोजन है। यहां आवासीय नगर बसाने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं, जो इसे इस परियोजना के लिए आदर्श स्थान बनाती हैं। हिमुडा ने भूमि की संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने के लिए जिला प्रशासन से भी सहयोग की अपील की है। इसके बाद, मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री इस स्थान का दौरा करेंगे और प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी देंगे। जैसे ही उनकी हरी झंडी मिलेगी, निजी भूमि की खरीद और सरकारी भूमि के हिमुडा के नाम पर ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नई परियोजना के तहत नगर बसाने से जुड़ी सभी बुनियादी और अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। लंज क्षेत्र की खासियत यह है कि यह गगल एयरपोर्ट और फोरलेन सड़क मार्ग से काफी नजदीक है, जो इसे एक रणनीतिक स्थान बनाता है। यहां पर फ्लैट्स और प्लॉट्स की बिक्री की जाएगी और पूर्व नियोजित तरीके से नगर का निर्माण होगा। इसमें पार्क, खेल का मैदान, पार्किंग, शॉपिंग कांप्लेक्स, सीवरेज सिस्टम और सड़कों जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। अगर यह योजना सफल होती है तो हिमाचल प्रदेश के इस प्रोजेक्ट का मुकाबला देश के बड़े और प्रमुख नगरों से किया जा सकता है। यह राज्य के शहरी विकास में एक नया अध्याय जोड़ सकता है और इसे एक स्मार्ट शहर के रूप में पहचान दिला सकता है। यह परियोजना न केवल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगी, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को भी बेहतर जीवन की गुणवत्ता और आधुनिक जीवनशैली की सुविधाएं प्रदान करेगी।
