शिमला, सुरेन्द्र राणा; हिमाचल प्रदेश में बदले मौसम के बीच सात साल बाद पहाड़ों पर अक्तूबर के पहले हफ्ते में बर्फबारी दर्ज हुई है। चार दिनों से राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के ऊंचे इलाकों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। कड़ाके की ठंड से लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बर्फबारी से कुल्लू से लेकर लाहौल-स्पीति तक की पहाडियां सफेद हो गई हैं। जलोड़ी दर्रा में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। वशलेउ जोत सफेद हो गई है। बुधवार को तीसरे दिन भी रुक-रुक बर्फबारी का दौर जारी रहा। बर्फ से बंद मननाली-लेह मार्ग से अटल टनल रोहतांग से लेकर सिस्सू तक सड़क से बर्फ को स्नो कटर से हटाया गया और फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही जारी रही। वहीं, मनाली से बड़ी संख्या में पर्यटक अटल टनल और सिस्सू पहुंचे और खूब मस्ती की।
लाहौल में असामयिक बर्फबारीसे सेब से लदे पेड़ों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर सेब के बगीचों में टहनियां टूट गईं और फल भी गिर रहे हैं। बागवानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। प्रदेश के कई भागों में आज भी बारिश हो रही है। शिमला में भी दोपहर तक रुक-रुककर बारिश जारी रही। वहीं मनाली-लेह मार्ग पर दारचा से आगे ट्रक फंसे हुए हैं। अगर मौसम खुलता भी है तो ट्रकों को निकलने में अभी समय लगेगा। रोहतांग दर्रा में करीब 100 सेंमी बर्फ रिकाॅर्ड की गई है।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 8 अक्तूबर को कुछ मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी की संभावना है। 9 व 10 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। सप्ताह के बाकी दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 11 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
