चार दिन में 7 मणिमहेश यात्रियों की मौत, 9 लापता, फंसे हैं 8 हजार यात्री, 3,457 किए रेस्क्यू

Spread the love

शिमला, सुरेन्द्र राणा; भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही के बीच 24 से 27 अगस्त तक सात मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई है। हड़सर से ऊपर भूस्खलन होने से जानें गई हैं। आठ श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जबकि नौ अभी भी लापता हैं। मणिमहेश यात्रा पर गए करीब 8,000 श्रद्धालु अभी भी रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन ने 3,457 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालात खराब हैं। रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

मंडी और कुल्लू के बीच भारी भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे फिर बंद हो गया। कुल्लू-मनाली में करीब 1,500 पर्यटक फंसे हैं। लाहौल से चार मरीजों को कुल्लू एयरलिफ्ट किया है। भारी बारिश-भूस्खलन के चलते एनएच समेत प्रदेश में 524 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। इसके अलावा 1,230 ट्रांसफार्मर और 416 पेयजल योजनाएं ठप होने से कई इलाकों में बिजली और पानी का संकट खड़ा हो गया है।

कुल्लू जिले के मनाली उपमंडल में शुक्रवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। जबकि कुल्लू उपमंडल में 9 स्कूल बंद रहेंगे। उपायुक्त कुल्लू ने नोटिफिकेशन जारी की है।

चंबा के एडीएम अमित मेहरा ने बताया कि वीरवार को डल झील से 19, गौरीकुंड से 34, धन्छौ से 10 और हड़सर से 125 लोग रेस्क्यू किए हैं। ये पुलिस एवं अन्य विभागों के कर्मी और लंगर लगाने वाले हैं। लमडल की ओर चंबा के सात लोगों को निकाला गया है। यहां दो शव बरामद किए गए हैं। मृतक गुरदासपुर और पठानकोट के रहने वाले थे। चार दिन में 3,269 श्रद्धालुओं को सुरक्षित हड़सर की ओर निकाला गया है। चंबा से लेकर भरमौर तक 8,000 मणिमहेश यात्री फंसे हैं। सलूणी पधर जोत मार्ग बहाल कर जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है। पंजाब के श्रद्धालु एचआरटीसी बसों में चंबा-पठानकोट मार्ग से भेजे जाएंगे। एडीएम ने बताया कि डीसी मुकेश रेसपवाल और एसपी अभिषेक यादव भरमौर में खुद व्यवस्था देख रहे हैं। चंबा के होली हेलीपैड पर सरकाघाट और दिल्ली के 70 श्रद्धालु फंसे हैं।

उधर, मनाली, सिस्सू, बंजार और मणिकर्ण में लगभग 1,500 सैलानी फंसे हैं। पंडोह के समीप कैंची मोड़ पर फोरलेन ध्वस्त हो गया है। बनाला के पास पहाड़ एनएच पर आ गया है, जिसका मलबा ब्यास नदी तक जा पहुंचा। इसके चलते मंडी और कुल्लू के बीच चंडीगढ़-मनाली हाईवे फिर बंद हो गया है। वैकल्पिक मार्ग वाया कटौला छोटे वाहनों की ही आवाजाही हो रही है। करीब 1,790 वाहन जगह-जगह फंसे हैं। मंडी-कुल्लू के लिए कमांद-कटौला मार्ग से छोटे वाहनों को निकालने के लिए टाइम स्लॉट जारी किया है। मंडी से कुल्लू सुबह 8 से 10 बजे तक, कुल्लू से मंडी सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, मंडी से कुल्लू दोपहर 12 से 2 बजे तक, कुल्लू से मंडी दोपहर 2 से 4 बजे तक, मंडी से कुल्लू शाम 4 से शाम 6 बजे तक समय दिया गया है। चंडीगढ़-मनाली एनएच ठप होने के कारण समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाने के कारण कुल्लू की एक महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। उधर, कांगड़ा में पौंग बांध का जलस्तर 1393.05 फीट तक पहुंच गया है। इस समय 52086 क्यूसिक पानी आ रहा है और 99,845 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को चार जिलों ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को आठ जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 31 अगस्त को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़ शेष सभी दस जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई भागों में 3 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *