कांग्रेस की नई दिल्ली में हाईकमान के साथ बड़ी बैठक; मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित कई मंत्री रहेंगे मौजूद, मिल सकता है अध्यक्ष

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शिमला, सुरेन्द्र राणा: दिल्ली में सोमवार को पार्टी हाईकमान के साथ हिमाचल कांग्रेस की एक बड़ी बैठक होने जा रही है, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर मुहर लग सकती है। दोपहर डेढ़ बजे 24 अकबर रोड़ स्थित कांगे्रस मुख्यालय में हिमाचल के नेताओं की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में जहां कांगे्रस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े मौजूद होंगे, तो वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और दोनों सह प्रभारियों के अलावा कुछ दूसरे बड़े नेता भी बैठक में शामिल होंगेे। दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व सरकार के कैबिनेट मंत्री इस बैठक में रहेंगे। बैठक में शामिल होने के लिए हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री भी दिल्ली गए हैं। बताया जाता है कि आठ मंत्रियों को वहां बुलाया गया था, जिनमें कर्नल धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर भी इस बैठक का हिस्सा होंगे। इनके साथ कांग्रेस हाईकमान प्रदेश में सरकार और संगठन को लेकर चर्चा करेगी। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में होने जा रही इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा।यहां पर कार्यकारिणी में कौन नेता रहेंगे, इसका खाका भी बना लिया गया है, जिसपर अंतिम मुहर वहां लगाई जाएगी। सभी नेताओं से उनकी राय जानी जाएगी और विस्तार से बात करने के बाद कांग्रेस हाईकमान अपना फैसला लेगी। पहले यह बैठक सोमवार शाम के समय में होनी थी, लेकिन रविवार को इसका नया शेड्यूल मंत्रियों को दिया गया है। अब यह बैठक दोपहर डेढ़ बजे कांग्रेस मुख्यालय में शुरू होगी। इस बैठक में सरकार और संगठन के मामलों को लेकर विस्तार से बात होगी और कुछ नए कार्यक्रम हिमाचल कांग्रेस के लिए जारी किए जा सकते हैं। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री सुक्खू, जिन्हें दिल्ली से रविवार को चंबा आना था, वह मौसम खराब होने की वजह से वहां नहीं आ सके। ऐसे में उनका चंबा का कार्यक्रम रद्द हो गया और रविवार को मुख्यमंत्री दिल्ली में ही थे। इस दौरान कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने उनके साथ मुलाकात की है।

मंत्रिमंडल ने एक पद खाली चल रहा है, जिसे लेकर भी इस बैठक में चर्चा होगी। अढ़ाई साल के बाद मंत्रिमंडल में किस नेता को शामिल किया जाना है और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया जाना है, इसे भी वहां तय किया जाएगा। मंत्रिमंडल के सदस्यों को इसलिए दिल्ली बुलाया गया है, ताकि उनसे उनकी अढ़ाई साल की परफार्मेंस पर बात की जाए।

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