शिमला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल प्रदेश पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन में फूट पड़ गई है।
एसोसिएशन के छह पदाधिकारियों को बीते कल अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने ऐलान किया जिसके बाद आज निष्कासित पदाधिकारी सामने आए और कहा कि आत्मा राम शर्मा का अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल 27 मार्च 2025 को खत्म हो गया है ऐसे में उन्हें सदस्यों को निष्कासित करने का अधिकार ही नहीं है। आत्माराम शर्मा सरकार के पिट्ठू बनकर काम कर रहे हैं और अपने कार्यकाल में पेंशनरों के मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाने में नाकाम रहे हैं।पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन शिमला ईकाई के अध्यक्ष मदन शर्मा ने कहा कि आत्मा राम शर्मा एसोसिएशन के केयर टेकर के रूप में काम कर रहे हैं।
कार्यकाल पूरा होने से पहले उनको चुनाव करवाने चाहिए लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और अब असंवैधानिक निर्णय लें रहे हैं जिसको लेकर पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन शिमला ईकाई ने एक सप्ताह के भीतर जनरल हाउस बुलाया है जिसमें आत्मा राम शर्मा की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके अलावा एसोसिएशन के कोष के पैसे में हेराफेरी के भी आत्मा राम शर्मा और कोषाध्यक्ष पर मदन शर्मा ने लगाए हैं और कहा है कि अगर सप्ताह के भीतर हिसाब किताब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ FIR की जाएगी।
