Himachal: भगवंत मान बोले- पंजाब और हिमाचल भाई-भाई, सौहार्दपूर्ण संबंध बने रहेंगे

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पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: हिमाचल और पंजाब के संबंध हमेशा सौहार्दपूर्ण रहे हैं और आगे भी रहेंगे। चाहे कोई भी विवाद हो, दोनों राज्य भाई-भाई की तरह रहेंगे। हिमाचल के साथ हमारा पानी का या किसी भी किस्म का कोई झगड़ा नहीं है। हम मिलजुल कर रहते हैं। गुरुद्वारा साहिब और मंदिरों में जाकर यही कामना करता हूं कि यह भाईचारा ऐसे ही बना रहे। शुक्रवार को श्री नयना देवी जी शक्तिपीठ में धर्मपत्नी के साथ माथा टेकने पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूजा की। उसके बाद उन्होंने हवन कुंड में आहुति डाली। पुजारियों ने स्मृति चिह्न और माता की चुनरी देकर सम्मानित किया।

दर्शनाें के बाद सीएम पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने हाल ही में हिमाचल और पंजाब के बीच विवाद के सवाल पर कहा कि पंजाब में हिमाचल की एक-दो बसों में तोड़फोड़ हुई थी। लेकिन बाद में हिमाचल के सीएम से बात करने के बाद मामला सुलझ गया था। हिमाचल के लोग पंजाब में पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी मेरी है। कहा कि वह एक कलाकार के रूप में हिमाचल के विभिन्न स्थानों बिलासपुर, कुल्लू, मनाली और शिमला में प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उनका हिमाचल से विशेष लगाव है और यहां के लोगों से उनके अच्छे संबंध है। श्री नयना देवी और श्री आनंदपुर साहिब को जोड़ने वाले रोपवे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों को फिर से बुलाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। जल्द ही आनंदपुर साहिब रोपवे को दोनों राज्य मिलकर पूरा करेंगे।

सीएम ने कहा कि पंजाब में नशे की सप्लाई लेन को रोकना कोई बड़ी बात नहीं थी। सप्लाई बंद होने के बाद जो युवा नशे के आदी हो चुके हैं, वह इसके लिए तड़पेंगे तो उन्हें कहां लेकर जाएंगे। उसके लिए हमने सबसे पहले रीहैब सेंटर, ओट क्लीनिक अपडेट किए। चार माह की दवाइयां वहां रखीं। स्पॉट किया कि कहां-कहां नशा बिकता है। उसके बाद जिन पुलिस वालों पर संदेह था कि वे नशे के कारोबार में संलिप्त हैं उनके तबादले किए। उसके बाद नशा माफिया पर कार्रवाई की। बोले, इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। कार्रवाई के बाद हजारों किलो चिट्टा पकड़ा गया। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हुई। खुशी की बात है कि इसके बाद ओवरडोज से मौत की कोई खबर नहीं आई है। बोले, हिमाचल व पंजाब के युवा फौज में जाने के लिए जाने जाते थे। लेकिन आज फौज के लिए यहां युवा नहीं मिलते हैं। इसके लिए दोनों राज्यों को मिलकर काम करना होगा।

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