मंडी, काजल: अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में रविवार को मध्य शाही जलेब धूमधाम के साथ निकाली गई, जिसमें राजमाधव अन्य देवी-देवताओं संग पालकी में सवार होकर निकले। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री दूसरी शाही जलेब में अपनी बेटी डा. आस्था अग्रिहोत्री के साथ शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर राजमाधव मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। वहीं पड्डल में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी शिवरात्रि महोत्सव हमारी आस्था का प्रतीक है। शिवरात्रि महोत्सव में इस देवभूमि में देवताओं का समागम पूरे भारत में हिमाचल को पहचान दिलाता है। मंडी शिवरात्रि, कुल्लू दशहरा और मिंजर हमारे प्रदेश की शान हैं।
वहीं उन्होंने इस अवसर पर उन आरोपों का खंडन किया कि प्रदेश सरकार के संचालन में मंदिरों के चढ़ावे का पैसा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम ईश्वर में आस्था रखते हैं। मंदिरों को पैसा उपलब्ध करवाते हैं।मंदिरों का जीर्णोद्धार करने के लिए सरकारी कोष से पैसा उपलब्ध करवाया जाता है। किसी मंदिर का पैसा सरकार ने न तो लिया है और न ही भविष्य में किसी मंदिर से पैसा लेने का कोई विचार है। कुछ लोगों की विकृत मानसिकता से यह गलत धारणा फैलाई जा रही है। यहां पर आयोजित ब्यास आरती अब लंबे समय तक आयोजित की जाएगी और आने वाले समय में प्रयास किया जाएगा कि यहां ब्यास आरती घाट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग हिमाचल में जितने भी त्योहार होते हैं, उनकी तारीख और कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर एक सूची तैयार कर रहा है।
प्रदेश के कलाकारों को इन त्योहारों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में समुचित मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला में 2000 करोड़ की लागत से रोप-वे का निर्माण किया जा रहा है। पंडोह में स्थापित रोप-वे आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कुल्लू में दो रोप-वे स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे। इससे पहले उन्होंने टारना में श्यामाकाली मंदिर, अराध्य बड़ा देव कमरुनाग और भीमाकाली मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
