शिमला, सुरेन्द्र राणा; कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि भाजपा नेता नशे के मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं। भाजपा को युवाओं की चिंता नहीं है, सत्ता में रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नशा माफिया के खिलाफ न तो कोई सख्त कार्रवाई की और न ही कोई सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए। पिछली भाजपा सरकार के पूरे पांच साल के कार्यकाल में पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट लंबित रहा, जबकि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही मात्र चार महीनों के भीतर इसकी अधिसूचना जारी कर दी और नशा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि यह कानूनी प्रावधान उन लोगों को हिरासत में लेने की अनुमति देता है जो बार-बार नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पाए जाते हैं, जिससे वे समाज की सुरक्षा को नुकसान न पहुंचा सकें। इस कानून के तहत अब तक प्रायोजक प्राधिकरण ने 81 केस प्रस्तुत किए हैं।
बुधवार को जारी प्रेस बयान में संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर पिछले छह महीनों में पुलिस ने नशा माफिया की धरपकड़ तेज कर दी है, उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया है। पिछले तीन वर्षों में अवैध रूप से अर्जित 16 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें से लगभग 9 करोड़ रुपये की संपत्ति पिछले वर्ष जब्त की गई थी।
विधायक ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार नशा माफिया के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स भी बना रही है। यह टास्क फोर्स विशेष रूप से मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े अपराधों पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि एसटीएफ को आवश्यक संसाधन, अधिकार और स्वायत्तता प्रदान की जाएगी ताकि यह नशे के बढ़ते खतरे से प्रभावी ढंग से निपट सके। इसके अलावा, टास्क फोर्स के तहत समर्पित पुलिस थाने भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों पर प्रदेश सरकार की कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
