पंजाब दस्तक (सुरेंद्र राणा); दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का आज फैसला हो जाएगा। बुधवार को केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच सहमति बन गई है। मुद्दों में केसों की तत्काल वापसी के साथ MSP कमेटी समेत कुल 5 मांगें शामिल हैं। अब मोर्चे को केंद्र सरकार से मांगों के सहमति ड्राफ्ट पर आधिकारिक चिट्ठी का इंतजार है। 12 बजे SKM की सिंघु बॉर्डर पर मीटिंग है। उससे पहले चिट्ठी आ गई तो किसान आंदोलन को मुल्तवी कर दिया जाएगा।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
MSP : केंद्र सरकार कमेटी बनाएगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि लिए जाएंगे। अभी जिन फसलों पर MSP मिल रही है, वह जारी रहेगी। MSP पर जितनी खरीद होती है, उसे भी कम नहीं किया जाएगा।
केस वापसी : हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार केस वापसी पर सहमत हो गई है। दिल्ली और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के साथ रेलवे द्वारा दर्ज केस भी तत्काल वापस होंगे।
मुआवजा : मुआवजे पर भी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सहमति बन गई है। पंजाब सरकार की तरह ही यहां भी 5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। किसान आंदोलन में 700 से ज्यादा किसानों की मौत हुई है।
बिजली बिल : बिजली संशोधन बिल को सरकार सीधे संसद में नहीं ले जाएगी। पहले उस पर किसानों के अलावा सभी संबंधित पक्षों से चर्चा होगी।
प्रदूषण कानून : प्रदूषण कानून को लेकर किसानों को सेक्शन 15 से आपत्ति थी। जिसमें किसानों को कैद नहीं, लेकिन जुर्माने का प्रावधान है। इसे केंद्र सरकार हटाएगी।
