शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने एक बार फिर पंजाब के किसानों के कर्जा माफी के मुद्दे को उठाया है। इस बाद उन्होंने केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है। सुखबीर बादल का कहना है कि देश का पेट पालते हुए पंजाब के किसान कर्ज में डूब गए, लेकिन केंद्र के पास कोई पॉलिसी नहीं है।
सुखबीर बादल ने देश के किसानों पर जानकारी मांगी थी। जिसका जवाब उन्हें मिला और उन्होंने केंद्र सरकार के सरकारी आंकड़ों को ट्वीट करके कहा कि भारत सरकार को 2.03 लाख रुपए के औसत ऋण वाले राष्ट्र की सेवा में लगे पंजाब के किसानों के ऋण माफी के लिए कुछ करना चाहिए। एमओएस वित्त डॉ. भागवत कराड़ ने संसद में उनके प्रश्न के उत्तर में बताया कि यह कर्जा देश में तीसरा सबसे अधिक है।
केंद्र सरकार का यह दावा कि उसके पास पंजाब के किसानों के ऋण माफ करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। मेहनती किसानों के लिए अपकार है जो राष्ट्रीय के लिए अनाज प्रदान करते समय ऋणी हो गए। उनके ऋण माफ किए जाने चाहिए और उन्हें विविधीकरण के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
