शिमला/नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति और विकास को नई संजीवनी देते हुए केंद्र सरकार ने ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ योजना के तहत प्रदेश को 3,920 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद मंजूर की है। यह राशि ‘विशेष सहायता योजना’ (SASCI) के तहत पूंजीगत निवेश के लिए प्रदान की गई है, जिससे प्रदेश में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।पहाड़ी राज्यों में हिमाचल को मिला दूसरा बड़ा हिस्साकेंद्र सरकार ने देश के 9 पहाड़ी राज्यों के लिए कुल 25,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें हिमाचल प्रदेश को 3,920 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो अरुणाचल प्रदेश के बाद दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश को 765 करोड़ रुपये का ‘अनटाइड फंड’ (Untied Fund) भी मिलेगा, जिसे राज्य सरकार अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर खर्च कर सकेगी।इन क्षेत्रों में आएगी तेजीइस बजट का मुख्य उद्देश्य कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। यह फंड विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा:सड़क और परिवहन: ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारना।स्वास्थ्य और शिक्षा: अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के ढांचे का आधुनिकीकरण।पूंजीगत व्यय: नई परियोजनाओं की शुरुआत और लंबित कार्यों को पूरा करना।राजनीतिक हलकों में उत्साहपूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस बड़ी मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह राशि हिमाचल के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि इस धन का उपयोग उन्हीं उद्देश्यों के लिए किया जाए जिनके लिए इसे मंजूर किया गया है।ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय संकट से जूझ रहे हिमाचल के लिए केंद्र की यह मदद एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है।
