सुजानपुर, सुरेन्द्र राणा: प्रदेश की कांग्रेस सरकार व्यवस्था परिवर्तन का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन तीन साल में जिस तरीके का काम सरकार ने किया है, उसे देखकर तो यही लगता है कि इस सरकार ने व्यवस्था पतन की राह चुनी है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का। रविवार को सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के सराकड़ में सर्वकल्याणकारी संस्था के नारी सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि जयराम ठाकुर की सरकार ने कोई विकास नहीं कराया, जबकि तीन साल हो गए और वह हमारी सरकार द्वारा खोले गए संस्थान ही बंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के पांच विधानसभा क्षेत्र में कोई भी ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं होगा, जहां पर उन्होंने दो दर्जन डेढ़ दर्जन संस्थाओं को बंद न किया हो। प्रदेश भर में हजारों संस्थान बंद किए और हमारी दर्जनों योजनाओं को अधर में छोड़ दिया। नई योजनाएं चलना तो छोड़ दीजिए, वह पूर्व सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं को भी नहीं चला पाए।जयराम ने कहा कि वह निजी तौर पर किसी के खिलाफ बोलना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन विपक्ष के नेता के नाते प्रदेश के लोगों ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका निर्वहन करना उनका फर्ज है और वह प्रदेश के हितों की अनदेखी पर चुप नहीं बैठ सकता। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर बार-बार आरोप लगा रहे हैं, लेकिन वह यह नहीं बता रहे हैं कि उनका फर्ज क्या है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के जो हाल हो गए हैं, उसे देखकर वह दावे से कहते हैं कि कांग्रेस की टिकट पर लोग चुनाव लडऩे का इरादा छोड़ देंगे। दस का आंकड़ा भी कांग्रेस छू नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के संगठन के ऐसे हाल हैं कि एक साल से अध्यक्ष नहीं मिल रहा। जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री कांग्रेस की चिंता करें, बीजेपी की चिंता छोड़ें। भाजपा एकजुट है और प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता हमें हमारी योजनाओं के लिए याद करती है। प्रदेश के लोग हमें फोन करके कहते हैं कि हमें सहारा पेंशन नहीं मिल रही, छह महीने से वृद्धा पेंशन का एक पैसा नहीं आया।
