कांगड़ा, स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पालमपुर में एक फेसबुकिया पत्रकार को सोशल मीडिया से खबर हटाने की एवज में दो लाख रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पता चला है कि इस तथाकथित पत्रकार ने पैसों की मांग अपने चैनल से संबंधित व्यक्ति की खबर डिलीट करने के एवज में की थी। जानकारी के अनुसार ब्लॉगर ने खबर हटाने के लिए पहले 20 लाख रुपए और गाड़ी की मांग की थी और अंत में 12 लाख रुपए पर मामला तय हुआ था। शिकायतकर्ता भुवनेश सूद के अनुसार उक्त ब्लॉगर ने अपने चैनल पर एक खबर प्रसारित की थी, जिसमें बताया गया था कि भुवनेश सूद ने कोई जमीन की खरीद-फरोख्त में हेराफेरी की है।
हालांकि भुवनेश सूद के अनुसार उनके नाम ऐसी कोई जमीन है ही नहीं, जिसका जिक्र खबर में किया गया था।खबर से परेशान भुवनेश सूद ने इस संदर्भ में एसडीएम व डीएसपी पालमपुर के समक्ष भी अपना पक्ष रखा और अंतत: मामला विजिलेंस की जानकारी में लाया गया। ब्लॉगर जल्द से जल्द पैसा दिए जाने की मांग कर रहा था। जिसके चलते शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के बताए अनुसार उसको पैसे देने के लिए बुलाया। जब ब्लॉगर ने शिकायतकर्ता से दो लाख रुपए से भरा बैग लिया, उसी समय विजिलेंस की टीम ने पैसों के बैग के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने जारी प्रेस बयान में बताया है कि चैनल संचालक अमीर चंद को खबर हटाने की एवज में मांगी गई राशि के दो लाख रुपए सहित रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।
साढ़े तीन करोड़ की मानहानि का भी दावा
शिकायतकर्ता भुवनेश सूद ने बताया कि उन्होंने गलत खबर चलाकर उनकी छवि खराब करने को लेकर ब्लॉगर सहित तीन व्यक्तियों के विरुद्ध साढ़े तीन करोड़ रुपए की मानहानि का दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि को लेकर यह गलत खबर चलाई गई, वहां उनके नाम कोई भूमि है ही नहीं।
