शिमला: कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित एरियर को लेकर हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कोई रियायत नहीं दी है। राज्य सचिवालय के रिटायर सेक्शन ऑफिसर सुरेंद्र सिंह राणा बनाम हिमाचल सरकार मामले की कंटेंप्ट पिटिशन में राज्य सरकार की ओर से रखा गया खराब आर्थिक स्थिति का तर्क खारिज हो गया है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान डिप्टी एडवोकेट जनरल ने जवाब दिया था कि राज्य सरकार फाइनांशियल क्रेच में है, अभी भुगतान संभव नहीं है। साथी याचिका करता ने एक रिव्यू पिटीशन भी कर रखी है, लेकिन कोर्ट ने खराब आर्थिक स्थिति के तर्क को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जजमेंट को लागू न करने के लिए यह बहाने काफी नहीं हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस जजमेंट को लागू करने के लिए कहा है। इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है। मामले की सुनवाई अब छह अगस्त 2024 को होगी।
इस केस में 19 सितंबर 2023 को पहली जनवरी 2016 से 30 अप्रैल 2018 तक का वेतन और पेंशन का एरियर छह फीसदी ब्याज के सहित अदा करने के आदेश दिए गए हैं। याचिकाकर्ता सुरेंद्र सिंह राणा ने तर्क दिया था कि वह सेक्शन ऑफिसर के पद से 30 अप्रैल 2018 को रिटायर हुए। इसके बाद पहली दिसंबर 2022 को नए वेतन आयोग के अनुसार पे स्केल रिवाइज करने की नोटिफिकेशन हुई, जिसे पहली जनवरी 2016 से लागू होना था। यह कार्यालय आदेश 21 जून 2022 को जारी हुए थे।
इसके अनुसार वह पहली जनवरी 2016 से रिटायरमेंट की अवधि तक रिवाइज्ड एरियर के हकदार थे, लेकिन यह एरियर उन्हें नहीं दिया गया। कोर्ट ने यह भुगतान छह फीसदी ब्याज के साथ करने के आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने जब इन आदेशों को लागू नहीं किया, तो सुरेंद्र सिंह राणा ने अवमानना याचिका दायर की।
