शिमला, सुरेंद्र राणा: चंबा में आई भारी प्राकृतिक आपदा ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। मणिमहेश में हजारों यात्री फंसे हुए हैं। सड़कें जगह-जगह से टूटी हुई हैं और दूरसंचार सेवाएं भी कई हिस्सों में चार दिन बाद तक बहाल नहीं हो पाई हैं। सरकार जहां हर संभव मदद देने के दावे कर रही है, वहीं भरमौर के विधायक डॉक्टर जनकराज ने सरकार और प्रशासन पर राहत-बचाव कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।भरमौर के भाजपा विधायक जनकराज का कहना है कि न भोजन की व्यवस्था हो रही है और न ही पीने के पानी की। प्रशासन और सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को पर्यटन राज्य बताया जाता है, लेकिन जब हजारों पर्यटक यहां फंसे हैं तो उनकी सुध नहीं ली जा रही। जनकराज ने सरकार से मांग की है कि एनडीआरएफ और सेना को राहत व बचाव कार्य में लगाया जाए और हेलीकॉप्टर सेवा तुरंत शुरू की जाए। उन्होंने साफ किया कि अब तक कोई भी सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है, जो भी हेलीकॉप्टर हैं, वे निजी कंपनियों के हैं।साथ ही उन्होंने भरमौर क्षेत्र के पावर प्रोजेक्ट्स और उद्योगों से अपील की है कि इस आपदा की घड़ी में फंसे लोगों को खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराएं और मदद की अपील की।
