कांगड़ा में जयराम ठाकुर की हुंकार: सुक्खू सरकार की ‘मित्र मंडली’ और कर्ज पर बोला तीखा हमला

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धर्मशाला, उमांशी: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को अपने पूर्व निर्धारित दिल्ली दौरे से सीधे कांगड़ा जिला पहुंचकर न केवल संगठनात्मक बैठकों के जरिए आगामी चुनावी शंखनाद किया, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए संकट में फंसे हिमाचली युवक के परिवार को संबल भी प्रदान किया। कांगड़ा एयरपोर्ट पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष सीधे रक्षित चौहान के घर पहुंचे। रक्षित उस रूसी जहाज ‘बेला-1’ में क्रू मेंबर हैं, जिसे वर्तमान में अमेरिका द्वारा सीज कर लिया गया है। इस कठिन समय में परिवार से भेंट कर जयराम ठाकुर ने उन्हें आश्वस्त किया कि भारत सरकार और स्वयं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इस पूरे मामले पर कूटनीतिक रूप से पैनी नजर रखे हुए हैं और रक्षित की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं। इसके उपरांत, नगरोटा बगवां और धर्मशाला में विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए जयराम ठाकुर ने वर्तमान सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार किसी बाहरी दबाव से नहीं, बल्कि अपने ही कुप्रबंधन के बोझ से गिर जाएगी। नगरोटा बगवां में पूर्व विधायक अरुण कुमार कुक्का और धर्मशाला में विधायक सुधीर शर्मा की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली ऐसी सरकार है जो संस्थान खोलने के बजाय उन्हें बंद करने का रिकॉर्ड बना चुकी है। मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार केवल ‘फीता काटने’ की जल्दबाजी में है और भाजपा कार्यकाल के दौरान 2022 में लोकार्पित हो चुके संजोली हेलीपोर्ट जैसे कार्यों का दोबारा उद्घाटन कर जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है।

​प्रदेश की माली हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं, वहां आखिर पैसा जा कहां रहा है? जयराम ठाकुर के अनुसार, भाजपा सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में केवल 19 हजार करोड़ का ऋण लिया था, जिसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज चुकाने में गया, जबकि वर्तमान सुक्खू सरकार ने मात्र 3 साल के भीतर प्रदेश पर 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लाद दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विकास के बजाय केवल मुख्यमंत्री की ‘मित्र मंडली’ के घर भरे जा रहे हैं। कांग्रेस में मचे आंतरिक कलह पर स्थिति स्पष्ट करते हुए ठाकुर ने कहा कि जब वरिष्ठ नेताओं और विधायकों को अपमानित किया जाएगा और मुख्यमंत्री अड़ियल रवैये के साथ बदले की भावना से काम करेंगे, तो सब्र का बांध टूटना स्वाभाविक है।

उन्होंने विधायक सुधीर शर्मा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां मान-सम्मान न हो, वहां ज़लालत झेलने का कोई अर्थ नहीं है, इसलिए स्वाभिमानी नेता आज भाजपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। ठाकुर ने विकास के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि आज न केवल विपक्ष बल्कि सत्तापक्ष के विधायकों के क्षेत्रों में भी काम ठप पड़े हैं, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण नगरोटा बगवां है जहाँ पूर्व कार्यकाल में करोड़ों के काम हुए थे पर आज सन्नाटा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस का राम नाम का विरोध ही उसे पाताल की ओर ले जाएगा। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने आह्वान किया कि वे एकजुट होकर सरकार की विफलताओं को जन-जन तक पहुँचाएं, क्योंकि जनता अब इस ‘मित्रों की सरकार’ से त्रस्त हो चुकी है और परिवर्तन का मन बना चुकी है। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा, विधायक कांगड़ा पवन काजल, पूर्व विधायक अरुण कुमार कुक्का, पूर्व विधायक धर्मशाला विशाल नैहरिया, भाजपा नेता संजय शर्मा, राकेश शर्मा, जिला अध्यक्ष सचिन शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्र भूषण नाग, विश्व चक्षु भी उपस्थित रहे।

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