पंजाब दस्तक, सुरेंद्र राणा: धर्मशाला से भाजपा के उपचुनाव के प्रत्याशी पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा की कांगड़ा के विधायक पवन काजल से अटूट दोस्ती कई सालों से चली आ रही है। इन दोनों के बीच घनिष्ठ मैत्री है। यह दोनों आपस में एक दूसरे के पूरक हैं। क्यों तो राजनीतिक हालातो में कोई किसी का सगा नहीं होता परंतु यह दोनों एक दूसरे के सगे हैं इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि जब वर्ष 2012 में कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने आजाद चुनाव लड़ा तो उसे समय कांग्रेस प्रत्याशी सुधीर शर्मा ने इन पर अपना हाथ रखा तथा इन्हें सीधा राजा वीरभद्र सिंह से मिला दिया।

इनको हर एक काम होने लगे तथा इन्हें जो राजा साहब के समय तकीपुर और मटौर के डिग्री कॉलेज,दौलतपुर में आईटीआई माननीय मुख्यमंत्री महोदय से दिलाई उसमें सुधीर शर्मा की अहम भूमिका रही है। उस समय सुधीर शर्मा की वजह से विधायक पवन काजल के जीएस बाली से तल्ख रिश्ते थे जो कि आज उनके बेटे रघुवीर सिंह बाली के साथ भी नहीं सुधरे हैं परंतु सुधीर शर्मा के साथ इनका 2017 में भी विधायक पवन काजल मीठे बने रहे तथा सुधीर शर्मा के माध्यम से राजा वीरभद्र से सिंह से कांग्रेस का टिकट पाया। चौधरी सुरेंद्र काकू को इग्नोर करवा दिया गया। इस दौरान धर्मशाला से सुधीर शर्मा चुनाव हार गए थे, जब विधायक पवन काजल को कांगड़ा चंबा सांस्कृतिक क्षेत्र से संसद का कांग्रेस का टिकट मिला तो सुधीर शर्मा ने विधायक पवन काजल के पक्ष में एक विशेष लहर बना दी थी खैर विधायक पवन काजल चुनाव हार गए अब जबकि सुधीर शर्मा वर्ष 2024 में भाजपा से उपचुनाव लड़ने वाले हैं तो उनका सारथी विधायक पवन काजल के रूप में मिला है
