जल शक्ति विभाग में ऐतिहासिक ‘प्रमोशन ब्लास्ट’: एक साथ SDO बने 40 जूनियर इंजीनियर, 12 अन्य को भी एडवांस तोहफा!
लंबे समय का इंतजार खत्म; सचिवालय से जारी हुए आदेश, फील्ड में विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा
शिमला (पंजाब दस्तक):
हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग में लंबे समय से पदोंतिति की राह देख रहे अभियंताओं (Engineers) के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। सरकार के एक अहम प्रशासनिक फैसले के तहत विभाग ने 40 जूनियर इंजीनियर्स (JE) को असिस्टेंट अभियंता यानी एसडीओ (SDO-Civil) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। इसके साथ ही, विभाग ने दूरदर्शिता दिखाते हुए 12 अन्य जूनियर इंजीनियर्स को भी भविष्य में खाली होने वाले पदों के एवज में SDO के पद पर एडवांस प्रमोशन दे दी है।
DPC की बैठक के बाद जारी हुए आदेश
जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि बीते 8 जुलाई को विभागीय पदोंतिति समिति (DPC) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में पात्र कनिष्ठ अभियंताओं के नामों की सिफारिश की गई थी, जिसके आधार पर अब इन 40 अधिकारियों की पदोन्नति के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
वर्ग के आधार पर किसे क्या मिला, यहाँ देखें पूरा समीकरण:
डॉ. अभिषेक जैन के मुताबिक, विभाग ने नियमों और श्रेणियों का पूरा ध्यान रखा है। पदोन्नत किए गए अधिकारियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
शैक्षणिक योग्यता के आधार पर:
डिप्लोमा धारक श्रेणी: 22 कनिष्ठ अभियंता
डिग्रिधारक (स्नातक/AMIE) श्रेणी: 18 कनिष्ठ अभियंता
आरक्षण श्रेणी के आधार पर:
सामान्य वर्ग (General): 21 अधिकारी
अनुसूचित जाति (SC): 09 अधिकारी
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 06 अधिकारी
अनुसूचित जनजाति (ST): 04 अधिकारी
भविष्य की तैयारियों को लेकर 12 और JE प्रमोट
प्रधान सचिव ने बताया कि विभाग के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में कोई रुकावट न आए, इसके लिए 12 अतिरिक्त कनिष्ठ अभियंताओं को भी SDO पद पर प्रमोट किया गया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि आगामी समय में जैसे ही पद रिक्त हों, तुरंत काम संभाला जा सके और प्रदेश के विकास कार्यों पर कोई असर न पड़े। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि ये सभी पदोन्नतियां माननीय उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न याचिकाओं के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।
विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार
इस बड़े फैसले से जल शक्ति विभाग की संस्थागत क्षमता को भारी मजबूती मिलेगी। फील्ड में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से प्रदेश भर में चल रही पेयजल, सिंचाई और जल संसाधन परियोजनाओं के प्रभावी संचालन एवं क्रियान्वयन में तेजी आएगी। विभाग का दावा है कि इस कदम से जनता को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।
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