पंजाब दस्तक,रिपोर्टर: राजेंद्र नेगी (किन्नौर)बर्फ की आगोश में किन्नौर: एनएच-5 पर पत्थरों की बारिश और छितकुल का संपर्क कटा, कड़ाके की ठंड ने थामी घाटी की रफ्तार
1. किन्नौर के ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात, रिकांगपिओ में शून्य से नीचे गिरा तापमानरिकांगपिओ: जनजातीय जिला किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों कल्पा, सांगला, रक्षम और छितकुल में आज दोपहर के बाद मौ8सम ने उग्र रूप धारण कर लिया है। यहाँ रुक-रुक कर हो रही भारी बर्फबारी ने पूरे परिदृश्य को सफेद चादर से ढक दिया है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में भी बर्फ के फाहे गिरने का क्रम जारी है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है, क्योंकि तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
2. एनएच-5 पर निगुलसरी में फिर बढ़ा मौत का खतरा: पहाड़ी से हो रही पत्थरों की बारिशनिगुलसरी: सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे-5 (हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क) पर निगुलसरी के पास स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। आज सुबह से ही पहाड़ी से रह-रहकर मलबा और पत्थर गिर रहे हैं, जिससे सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बार-बार बाधित हो रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) और एनएच प्राधिकरण की टीमें मौके पर तैनात हैं, लेकिन ऊपर से गिर रहे पत्थरों के कारण बहाली कार्य में बाधा आ रही है। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि चालक इस स्ट्रेच को पार करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और रात के सफर से पूरी तरह परहेज करें।
3. सांगला घाटी का शेष दुनिया से संपर्क कटा: भारी हिमपात से मार्ग पूरी तरह अवरुद्धसांगला: किन्नौर की खूबसूरत सांगला घाटी का संपर्क आज भारी बर्फबारी के कारण जिला मुख्यालय से कट गया है। प्रसिद्ध पर्यटक स्थल छितकुल के लिए जाने वाली सड़क पर दो से तीन फीट तक बर्फ जमा हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की जेसीबी और स्नो कटर मशीनें सड़क साफ करने के प्रयास में जुटी हैं, लेकिन कड़ाके की ठंड और लगातार गिर रही बर्फ के कारण मशीनरी को चलाने में भी कठिनाई हो रही है। सांगला के कई अंदरूनी रास्तों पर भी वाहनों की आवाजाही ठप है।4. विंटर कार्निवल की तैयारियों पर मौसम की मार: आयोजकों और कलाकारों की बढ़ी चिंताकल्पा: किन्नौर की समृद्ध संस्कृति को दर्शाने वाले आगामी शीतकालीन उत्सव (Winter Carnival) की तैयारियों को खराब मौसम ने बड़ा झटका दिया है। भारी हिमपात के चलते आयोजन स्थल पर बनाए जा रहे मंच और टेंट उखड़ गए हैं। बर्फबारी के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कलाकारों का पहुंचना भी मुश्किल लग रहा है। आयोजकों का कहना है कि यदि अगले 24 घंटों में मौसम साफ नहीं हुआ, तो उत्सव की रूपरेखा में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।5. बिजली लाइनों में तकनीकी फॉल्ट: दर्जनों गांव भीषण ठंड में अंधेरे में डूबेभाबानगर: किन्नौर के भाबानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आज भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के चलते एचटी (High Tension) लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके कारण दर्जनों गांवों की बिजली गुल हो गई है, जिससे मोबाइल चार्जिंग और हीटिंग व्यवस्था ठप हो गई है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी कड़कड़ाती ठंड में फॉल्ट ढूंढने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फिसलन भरे रास्तों के कारण पोल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।6. किन्नौरी सेब के बागीचों के लिए बर्फबारी ‘सफेद सोना’: बागवानों के खिले चेहरेकल्पा: जहाँ एक ओर आम जनजीवन मुश्किलों में है, वहीं जिला के बागवानों के लिए यह बर्फबारी किसी वरदान से कम नहीं है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के अंत में हो रही यह बर्फबारी सेब के पौधों के लिए आवश्यक ‘चिलिंग ऑवर’ को पूरा करने में रामबाण साबित होगी। बागवानों का मानना है कि इस बार समय पर हुई बर्फबारी से सेब की पैदावार और उसकी गुणवत्ता में काफी सुधार होगा, जिससे आने वाला सीजन आर्थिक रूप से मजबूत रहेगा।7. स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर: रिकांगपिओ अस्पताल में आपातकालीन इंतजाम पुख्तारिकांगपिओ: भीषण ठंड और बर्फबारी के बीच स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। जिला अस्पताल रिकांगपिओ में आपातकालीन दवाइयों, एंटी-फ्रीज सॉल्यूशन और ऑक्सीजन सिलेंडरों का अतिरिक्त स्टॉक भेजा गया है। डॉक्टरों की टीम को हेडक्वार्टर न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन प्रसव या दुर्घटना की स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके।8. पूह मंडल में विकराल हुआ पेयजल संकट: पाइपलाइनों में जम गया पानीपूह: जिले के ऊपरी क्षेत्र पूह में पारा शून्य से 10 से 12 डिग्री नीचे जा चुका है। इस जमा देने वाली ठंड के कारण जल शक्ति विभाग की मुख्य पेयजल पाइपलाइनें पूरी तरह जाम हो गई हैं। कई स्थानों पर पाइप फटने की भी खबरें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अब पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं और बर्फ को पतीलों में पिघलाकर दैनिक कार्यों के लिए पानी का इंतजाम कर रहे हैं।9. एचआरटीसी (HRTC) की बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित: यात्रियों की बढ़ी मुश्किलेंरिकांगपिओ: खराब मौसम और सड़कों पर जमी पाले (Black Ice) के कारण आज किन्नौर डिपो ने अपनी दो दर्जन से अधिक बस सेवाएं रद्द कर दी हैं। विशेष रूप से कल्पा, सांगला, पूह और रक्षम जैसे ऊंचे इलाकों की ओर जाने वाली बसों को सुरक्षा के मद्देनजर स्टैंड पर ही खड़ा कर दिया गया है। रिकांगपिओ बस अड्डे पर दर्जनों यात्री फंसे हुए हैं, जिन्हें मौसम साफ होने का इंतजार है।10. रसद और ईंधन की सप्लाई सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने कसी कमररिकांगपिओ: उपायुक्त किन्नौर ने आज खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के साथ एक विशेष बैठक की। प्रशासन ने दावा किया है कि जिले के सभी दुर्गम क्षेत्रों के डिपो में राशन, मिट्टी का तेल और एलपीजी का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी कालाबाजारी न हो और हर ग्रामीण को पर्याप्त ईंधन मिले ताकि ठंड का सामना किया जा सके।11. पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी: छितकुल की ओर जाने पर लगा पूर्ण प्रतिबंधकिन्नौर: जिला प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों के लिए एडवाईजरी जारी करते हुए उन्हें ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर न जाने की हिदायत दी है। छितकुल और रक्षम जाने वाले पर्यटकों को करछम में ही रोक दिया गया है। पुलिस ने नाकों पर गश्त बढ़ा दी है ताकि कोई भी पर्यटक एडवेंचर के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डाले।12. पारंपरिक ‘किन्नौरी तंदूर’ और खान-पान का बढ़ा महत्वरिकांगपिओ: कड़ाके की ठंड से बचने के लिए स्थानीय लोग अपने पूर्वजों के बताए तरीकों पर भरोसा कर रहे हैं। घरों के भीतर लकड़ी से जलने वाले पारंपरिक तंदूर चौबीसों घंटे दहक रहे हैं। लोग ठंड से बचने के लिए स्थानीय पेय पदार्थ और पौष्टिक किन्नौरी भोजन का सेवन कर रहे हैं। जनजातीय संस्कृति के अनुसार, बर्फबारी का यह समय अब आपसी मेलजोल और पारंपरिक बुनाई के कामों में बीतेगा।सच्ची और सटीक खबरों के लिए सब्सक्राइब करें: पंजाब दस्तक
