एजेंसियां — तेहरान, तेल अवीव: अमरीका के होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी लागू करने का तुरंत असर हुआ है और इस समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही एक बार फिर लगभग ठप हो गई है। समुद्री खुफिया फर्म लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक, नाकाबंदी की घोषणा के बाद ट्रैफिक तुरंत रुक गया और कई जहाजों ने रास्ता बदल लिया या वापस लौट गए हैं। अमरीकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार शाम साढ़े सात बजे से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी (ब्लॉकेड) लागू कर दिया। इसके तहत ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें रोका जा सकता है। अमरीका की नाकेबंदी के तहत ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाह निशाने पर होंगे। इसमें फारस की खाड़ी के साथ ओमान सागर में स्थित बंदरगाह भी शामिल हैं। अमरीकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, नाकेबंदी ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी। ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वे जहाज जो ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों के बीच सफर कर रहे हैं, उन्हें आने-जाने की इजाजत दी जाएगी। उधर, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नाकाबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है।
इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमरीका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा। इसी बीच ईरान ने अमरीका को चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट और उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गाड्र्स ने कहा कि क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। सुरक्षा सबके लिए नहीं होगी, तो किसी के लिए भी नहीं होगी। ईरान ने फिर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा। उधर, ब्रिटेन ने अमरीका की ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने अमरीका के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इस कदम से दुनिया के बाजारों पर बुरा असर पड़ेगा। उधर, ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी की धमकी के बाद चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैभारतीय जहाजों को होर्मुज पार करने में मिलेगी मददतेहरान। ईरान ने कहा है कि वह भारत के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने में मदद करेगा। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने बताया कि ईरान और भारत के बीच इस मुद्दे पर अच्छी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव के बावजूद ईरान चाहता है कि भारत के जहाज बिना किसी दिक्कत के इस रास्ते से गुजर सकें, इसलिए ईरान, नई दिल्ली की मदद करने के लिए तैयार है।
