शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष द्वारा सदन में लाया स्थगन प्रस्ताव, भ्रष्टाचार के मुद्दों पर नियम 67 के तहत मांगी चर्चा, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री बोले स्थगन प्रस्ताव के स्वीकार होने से गड़बड़ाई भाजपा की रणनीति

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धर्मशाला, सुरेन्द्र राणा: हिमाचल विधान सभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव दिया और भ्रष्टाचार पर चर्चा मांगी।

मुख्यमंत्री ने चर्चा स्वीकार करने की बात कही जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने अनुमति दी। सरकार के दो साल के कार्यकाल पर विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि दो साल का कार्यकाल सरकार का भ्रष्टाचार वाला रहा है। विपक्ष सदन के अंदर और बाहर सरकार से इसको लेकर जवाब मांग रहा है लेकिन सरकार जवाब देने की स्थिति में लग नहीं रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है और सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जांच नहीं कर रही है जिसको लेकर विपक्ष सदन में सरकार से जवाब मांगेगे।

वहीं दूसरी तरफ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष सदन में पूरी तैयारी के साथ नहीं आया है और जो भ्रष्टाचार के आरोप सरकार पर लगाने की कोशिश विपक्ष कर रहा है वह हवा हवाई है। विपक्ष के पास कोई तथ्य या दस्तावेज नहीं है। सदन के बाहर भाजपा की रैली हो रही है इसलिए काम रोको प्रस्ताव विपक्ष लाया था ताकि वॉक आउट के बहाने बाहर जाया जाए लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

 

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