शिमला, सुरेंद्र राणा: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राजभवन को औपचारिक रूप से आम जनता को समर्पित कर दिया है। राजभवन आम जनता के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजभवन में राज्यपाल ने कहा कि बार्नस कोर्ट 1832 में निर्मित ब्रिटिश समय का एक विरासत भवन है।
इसे अब राजभवन के नाम से जाना जाता है। यह भवन कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। राज्य के स्कूली छात्रों और दस वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए राजभवन में प्रवेश निशुल्क होगा। जिसके लिए उन्हें प्रवेश के समय अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा।
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्रों, राज्य और बाहरी राज्यों के आगंतुकों को राजभवन में प्रवेश के लिए 30 रुपये शुल्क अदा करना होगा। विदेशी पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क 60 रुपये होगा। दिव्यांग व्यक्तियों और राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार विजेताओं के लिए प्रवेश निशुल्क होगा।
प्रवेश शुल्क में 6 छायाचित्र की सॉफ्ट कॉपी और राजभवन ब्रोशर निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रवेश से पहले आगंतुकों को बार्नस कोर्ट के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व का वर्णन करने वाली एक लघु फिल्म भी दिखाई जाएगी। एक समय में किसी भी समूह से 15 व्यक्ति राजभवन में प्रवेश कर सकेंगे। स्कूली विद्यार्थियों के समूह में 30 विद्यार्थी शामिल होंगे।
