शिमला, सुरेंद्र राणा:सतलुज-यमुना लिंक (SYL ) नहर को लेकर मचे नए विवाद में हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने हरियाणा के CM मनोहर लाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान के बीच हुई मीटिंग को गैर-जरूरी करार दिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हरियाणा के हक में आने के बाद ऐसी मीटिंग का कोई औचित्य नहीं है। अब हरियाणा के हिस्से के पानी को दिलवाने की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी।
SYL मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग सुर हैं। दोनों राज्यों के नेता सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी को लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री की मीटिंग से पहले पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने हरियाणा को पानी की एक बूंद नहीं देने की दो टूक बात कहते हुए CM भगवंत मान को 1990 की तरह बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी तक दे दी है।
SYL मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग सुर हैं। दोनों राज्यों के नेता सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी को लेकर अलग-अलग बयान दे रहे हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री की मीटिंग से पहले पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने हरियाणा को पानी की एक बूंद नहीं देने की दो टूक बात कहते हुए CM भगवंत मान को 1990 की तरह बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी तक दे दी है।
SYL को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग भी भगवंत मान को चेतावनी दे चुके हैं। मीटिंग के बाद मान के बयान पर पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कह चुके हैं कि वह हर मामले की जिम्मेदारी पुरानी सरकारों पर डालकर बचना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब ने उनकी सरकार को पूर्ण बहुमत दिया है, वह दूसरों को कोसना बंद कर खुद पंजाब के लिए काम करें।
