पंजाब दस्तक
सुरेंद्र राणा
शिमला जिला ब्यूरो
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘संशोधित भारत नेट परियोजना’ (Amended BharatNet Project) के तहत शिमला जिला के ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल तकनीक से पूरी तरह से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। जिला के सभी 12 विकास खंडों की 412 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) आधारित हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस महापरियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आज यहां उपायुक्त (DC) अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें BSNL सहित विभिन्न संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया।
सुरक्षित और निर्बाध इंटरनेट से चमकेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
बैठक के दौरान उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध रूप से उपलब्ध होंगी। जिला में कुल 3,691 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का व्यापक प्रस्ताव है।
उच्च गति की इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने से पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेली-मेडिसिन (दूरदराज क्षेत्रों में ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श), डिजिटल बैंकिंग और विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी सेवाओं की पहुंच बेहद सुदृढ़ हो जाएगी। इससे न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को एक मजबूत आधार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।
विकास खंडवार कार्यों की स्थिति: कहां कितना हुआ काम?
परियोजना के अंतर्गत जिला के सभी 12 विकास खंड—बसंतपुर, मशोबरा, चोहारा, रामपुर, रोहड़ू, कुपवी, ननखड़ी, नारकंडा, टूटू, जुब्बल-कोटखाई और ठियोग शामिल हैं। बैठक में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार कार्यों की प्रगति इस प्रकार है:
बसंतपुर ब्लॉक: इस ब्लॉक में अब तक 40 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है और 10 ग्राम पंचायतों को सफलतापूर्वक नेटवर्क से जोड़ दिया गया है।
मशोबरा ब्लॉक: यहां कार्य काफी तेजी से हुआ है, जहां 299 किलोमीटर केबल बिछाने का काम पूरा कर 28 ग्राम पंचायतों को कनेक्टिविटी प्रदान की जा चुकी है।
चोहारा, रामपुर और रोहड़ू ब्लॉक: इन तीनों विकास खंडों में केबल बिछाने के लिए कार्य आदेश (Work Orders) जारी कर दिए गए हैं।
नारकंडा, टूटू, जुब्बल-कोटखाई और ठियोग: इन ब्लॉकों में सर्वेक्षण (Survey) और अन्य प्रारंभिक तकनीकी कार्य युद्ध स्तर पर प्रगति पर हैं।
कुपवी और ननखड़ी BLOCK: इन दोनों क्षेत्रों में कुछ तकनीकी कारणों से कार्य फिलहाल होल्ड पर रखा गया है, जिसे जल्द ही सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल इंडिया का सपना होगा साकार
भारत नेट परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को एक नई मजबूती मिलने जा रही है। अब ग्रामीण नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए जिला मुख्यालय या शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, बल्कि पंचायत स्तर पर ही ऑनलाइन सेवाओं का प्रभावी संचालन संभव हो सकेगा।
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