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रिपोर्टर: काजल (शिमला)
1. हिमाचल: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर ₹75,000 हुई
हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर आवेदन के लिए निर्धारित वार्षिक आय सीमा को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। यह संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में उन महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी वार्षिक आय पहले ₹50,000 की सीमा से अधिक थी, लेकिन ₹75,000 से ज्यादा नहीं है। संशोधित नियमों के तहत उम्मीदवार के परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹75,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसके सत्यापन के लिए नायब तहसीलदार, तहसीलदार या कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणित आय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
2. हिमाचल: 95 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल, बच्चों के सिरप से लेकर हार्ट की दवाइयां शामिल
देश के सबसे बड़े फार्मा हब हिमाचल प्रदेश में दवा निर्माण की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के नवीनतम मासिक ड्रग अलर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में निर्मित 95 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं (वहीं राष्ट्रीय स्तर पर कुल 331 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं)। बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, सोलन, पांवटा साहिब, परवाणू और कांगड़ा स्थित कई दवा निर्माण इकाइयां इस सूची में हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के सिरप, एंटीबायोटिक्स, हृदय रोग, दर्द व बुखार, खांसी, पेट संबंधी बीमारियां, आंखों की दवा, जीवन रक्षक इंजेक्शन और विटामिन उत्पाद मानकों पर असफल पाए गए हैं।
3. स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला: 10वीं और 12वीं की सप्लीमेंट्री व इंप्रूवमेंट परीक्षाओं का परिणाम घोषित
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने जुलाई माह में आयोजित सप्लीमेंट्री, इंप्रूवमेंट (श्रेणी सुधार) और अतिरिक्त विषय की परीक्षाओं के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) तथा री-चेकिंग (पुनर्नरीक्षण) का परिणाम घोषित कर दिया है। इसे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिया गया है। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार री-चेकिंग व री-इवैल्यूएशन के लिए दोनों कक्षाओं से कुल 260 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था (जिसमें 10वीं के 31 और 12वीं के 12 परीक्षार्थी री-चेकिंग के लिए, तथा 10वीं के 98 और 12वीं के 119 छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए शामिल थे)।
4. हिमाचल में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए डीए और एरियर का तोहफा
दीपावली से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 5% महंगाई भत्ता (DA) देने का ऐलान किया है, जिसमें 4% डीए के साथ पिछले साल का लंबित 1% डीए भी शामिल है। सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना (Notification) पहले ही जारी की जा चुकी है और मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों व पेंशनरों के खातों में बढ़ी हुई राशि 1 नवंबर को आ जाएगी। इसके अलावा क्लास-4 (चतुर्थ श्रेणी) के कर्मचारियों को 5% डीए के अतिरिक्त ₹10,000 एरियर देने की घोषणा की गई है, साथ ही पेंशनरों को भी ₹10,000 की राशि दी जाएगी।
5. सीएम सुख्खू का बड़ा दावा: 2030 तक स्वास्थ्य और शिक्षा में नंबर एक बनेगा हिमाचल
राज्य सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले पायदान पर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुधार पर प्राथमिकता से काम कर रही है। अस्पतालों में पुरानी मशीनें हटाकर एम्स स्तर की सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें लगाई जा रही हैं ताकि मरीजों को ‘जीरो वेटिंग’ मिले। प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू कर दी गई है जिसके तहत 600 से अधिक सफल ऑपरेशन हो चुके हैं। बाजार में ₹1.20 लाख तक खर्च होने वाली यह सर्जरी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मात्र ₹30,000 में की जा रही है। इसके अलावा 40 वर्षों के बाद मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों में 320 की ऐतिहासिक बढ़ोतरी कर संख्या 597 कर दी गई है।
6. करवा चौथ: एचपीटीडीसी के होटलों में नवविवाहित जोड़ों को कमरे की बुकिंग पर 10% छूट
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के होटलों में करवा चौथ के अवसर पर नवविवाहित जोड़ों के लिए कमरे की बुकिंग पर 10% की विशेष छूट दी गई। यह ऑफर प्रदेशभर में निगम के सभी 56 होटलों में लागू रहा, जहां होटलों में पूजा की थाली और आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई ताकि व्रत रखने वाली महिलाओं को सुविधा मिल सके।
7. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का सरकार पर तीखा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रोहड़ू में आयोजित जनसभा में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2022 में जब भाजपा ने सत्ता छोड़ी थी, तब प्रदेश पर लगभग ₹69,000 करोड़ का कर्ज था जो अब बढ़कर लगभग ₹1.20 लाख करोड़ रुपए हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही करीब ₹40,000 करोड़ का नया कर्ज लिया जा चुका है। उन्होंने सवाल किया कि भारी-भरकम कर्ज के बावजूद विकास कार्यों और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम क्यों नहीं मिल रहे हैं।
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