राजधानी शिमला की सड़कों पर उतरा कार्यकर्ताओं का विशाल जनसैलाब; चौड़ा मैदान की महापंचायत में गरजे हिमंता विश्वा शर्मा, बिंदल, अनुराग, जयराम, कश्यप और दोनों राज्यसभा सांसद
शिमला (वरिष्ठ पत्रकार काजल की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट)
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला रविवार को पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भगवा रंग में रंगी नजर आई। भाजपा द्वारा आयोजित “संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ” महाअभियान के तहत पूरे शिमला शहर में एक ऐतिहासिक और विशाल पदयात्रा (रैली) निकाली गई। प्रदेशभर से आए हजारों कार्यकर्ताओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरे शिमला और राजधानी की सड़कों पर सुक्खू सरकार के खिलाफ भारी जनाक्रोश देखने को मिला।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की अगवानी में हजारों कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, भाजपा के झंडों और “संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ” के गगनभेदी नारों के साथ पूरी राजधानी शिमला में ज़बरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। पूरे शिमला के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई यह विशाल रैली सीधे ऐतिहासिक चौड़ा मैदान पहुंची, जहां यह एक विशाल महापंचायत (जनसभा) में बदल गई। चौड़ा मैदान में आयोजित इस महारैली में मंच से भाजपा के दिग्गजों ने कांग्रेस और सुक्खू सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए।

1. असम CM हिमंता विश्वा शर्मा: “मां कामाख्या की धरती से नमन; 2027 में बनेगा भाजपा का मुख्यमंत्री”
पूरे शिमला में निकली रैली के बाद चौड़ा मैदान में उमड़े जनसैलाब को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्वा शर्मा ने सुक्खू सरकार और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया:
2027 में भाजपा की प्रचंड वापसी:
”मैं मां कामाख्या की पावन भूमि असम से देवी-देवताओं और वीरों की इस पवित्र धरती हिमाचल आया हूँ। पूरे शिमला में आज जो ऐतिहासिक जनसैलाब और कार्यकर्ताओं का हुजूम उतरा है, वह स्पष्ट संकेत दे रहा है कि ठीक एक वर्ष बाद, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में हिमाचल प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और भाजपा का मुख्यमंत्री प्रदेश की सेवा करेगा।”
ईवीएम से CM बने सुक्खू, अब उसी का विरोध क्यों?:
हिमंता विश्वा शर्मा ने सुक्खू सरकार के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस ईवीएम (EVM) प्रणाली से चुनाव जीतकर सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल के मुख्यमंत्री बने, आज अपनी असफलताओं और गारंटियों से मुकरने के बाद जनता का ध्यान भटकाने के लिए उसी ईवीएम के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि सुक्खू जी को ईवीएम पर भरोसा नहीं है, तो वे उसी जनादेश के आधार पर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर क्यों बैठे हैं? उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
रोजगार पर सीधा हिसाब:
”असम में हमने 1 लाख नौकरियों का वादा करके 1.07 लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दीं। वहीं हिमाचल में 5 लाख रोजगार का वादा करने वाली सुक्खू सरकार जवाब दे कि वे नौकरियां कहाँ हैं? कांग्रेस ने हिमाचल के युवाओं और बहनों के साथ सरासर विश्वासघात किया है।”
2. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल: “गारंटियों की हवा निकली, 4 वर्षों का हिसाब दे सुक्खू सरकार”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्वा शर्मा का कार्यकर्ताओं की गड़गड़ाहट के बीच स्वागत करते हुए कहा:
4 वर्षों की गारंटियों का हिसाब दे कांग्रेस: महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह देने के वादे के अनुसार 4 वर्षों में प्रति पात्र महिला ₹72,000 की राशि बनती है। सुक्खू सरकार जवाब दे कि वास्तव में कितनी महिलाओं को यह राशि मिली है?
नाकामियों पर पर्दा डालने का ढोंग: विभिन्न राज्यों में करारी चुनावी हार के बाद कांग्रेस अपनी कमजोरियों का आत्ममंथन करने के बजाय दिल्ली में ‘वोट चोरी’ का मनगढ़ंत शोर मचाकर देश की जनता को गुमराह कर रही है।
3. पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग ठाकुर: “राहुल गांधी के पास कोई सबूत नहीं, केवल ‘फीलिंग’ है”
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने जनसभा में कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा:
सबूत शून्य, केवल ‘फीलिंग’: राहुल गांधी पिछले एक साल से वोट चोरी का ढोल पीट रहे हैं, लेकिन आज तक न तो मीडिया को और न ही जनता को कोई ठोस प्रमाण दिया। जब भी सबूत मांगो, वे केवल ‘फीलिंग’ (अनुभूति) की बात करते हैं।
”यदि राहुल गांधी को वोट चोरी की फीलिंग आ रही है, तो पूरे शिमला में उमड़े इस जनसैलाब को देखकर जनता को भी यह फीलिंग आ चुकी है कि 2027 में सुक्खू सरकार को उखाड़ फेंकना है।”
इतिहास का आत्ममंथन करे कांग्रेस: लोकतंत्र की हत्या का लंबा इतिहास रखने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र बचाने का ढोंग कर रही है।
4. पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर: “हार की बौखलाहट में मानसिक संतुलन खो चुके हैं कांग्रेस नेता”
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए कहा:
अमर्यादित भाषा पर प्रहार: देश भर में मिल रही करारी हार से राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। इसी बौखलाहट में वे मर्यादाएं भूलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं। देशवासी अपने लोकप्रिय नेता के अपमान का जवाब वोट और सड़क दोनों पर देंगे।
कांग्रेस का सफाया इतिहास: 1967 के बाद से कांग्रेस पूरे देश से गायब होती जा रही है—पश्चिम बंगाल (1970), उत्तर प्रदेश (1989), बिहार (1990), गुजरात (1995) और ओडिशा (1998)। जब देश में कांग्रेस का वोट ही नहीं बचा, तो चोरी कहाँ से होगी?
5. शिमला सांसद सुरेश कश्यप, डॉ. सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन का हुंकार
जनसभा को शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने भी संबोधित किया:
सुरेश कश्यप (सांसद, शिमला): उन्होंने कहा कि शिमला की ऐतिहासिक धरती से आज कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बिगुल बज चुका है। सुक्खू सरकार ने शिमला और पूरे प्रदेश के विकास को ठप्प कर दिया है।
डॉ. सिकंदर कुमार व हर्ष महाजन (राज्यसभा सांसद): दोनों नेताओं ने कहा कि वित्तीय कुप्रबंधन और झूठे वादों के कारण हिमाचल का हर वर्ग परेशान है। सुक्खू सरकार का ईवीएम पर रोना केवल अपनी विफलताओं से भागने का नाकाम प्रयास है।
पूरे शिमला में निकली इस ऐतिहासिक पदयात्रा और उसके बाद चौड़ा मैदान की महापंचायत में उमड़े भारी जनसैलाब ने साफ कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
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