शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बागी पंचायत में पशु औषधालय का लोकार्पण किया

बागी पंचायत में ₹19 लाख की लागत से निर्मित पशु औषधालय का शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने किया लोकार्पण

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​विशेष रिपोर्ट: प्रियंका जस्टा (‘पंजाब दस्तक’)
​बागी / जुब्बल-कोटखाई:

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान बागी पंचायत में लगभग ₹19 लाख की लागत से निर्मित नव-निर्मित पशु औषधालय का लोकार्पण किया। इस पशु औषधालय के शुरू होने से क्षेत्र के पशुपालकों को पशु चिकित्सा संबंधी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें अपने मवेशियों के इलाज के लिए दूरदराज के क्षेत्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।


​पशुपालकों की बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी
​लोकार्पण के अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि बागी पंचायत में पशु औषधालय का निर्माण क्षेत्रवासियों की लंबे समय से लंबित मांग थी।
​”प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने और लोगों को आवश्यक सुविधाएं उनके घर-द्वार के समीप उपलब्ध करवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है, इसलिए पशुपालकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।”


रोहित ठाकुर (शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश)
​बागी व रत्नाड़ी पंचायतों में सड़कों का जाल और विकास का संकल्प
​शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि बागी और रत्नाड़ी पंचायतों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए 193 सड़कें स्वीकृत की गई हैं।
​बागवानों को बड़ी राहत: बर्फबारी प्रभावित और बागवानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में सुदृढ़ सड़क नेटवर्क से स्थानीय किसानों व बागवानों की उपज (सेब आदि) को समय पर मंडियों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।
​विकास की भाग्य रेखाएं: सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बागवानी की प्रगति की ‘भाग्य रेखाएं’ हैं।
​लंबित भवनों का निर्माण: क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से लंबित लगभग 30 भवनों के निर्माण कार्य को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


​शिक्षा क्षेत्र में हिमाचल की ऐतिहासिक छलांग: NAS में टॉप 5 और PGI में टॉप 3 में शामिल
​शिक्षा व्यवस्था और प्रदेश की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।


​शिक्षा क्षेत्र के मुख्य आंकड़े और उपलब्धियां:
​रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार: हिमाचल प्रदेश पहले नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) में 21वें स्थान पर और परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में 18वें स्थान पर था। लेकिन अब प्रदेश NAS में शीर्ष 5 और PGI में देश के शीर्ष 3 राज्यों में शामिल हो चुका है।
​साक्षरता दर 99.13%: हिमाचल प्रदेश की साक्षरता दर 99.13% तक पहुँच चुकी है, जो पूरे देश में गोवा के बाद दूसरे स्थान पर है।
​भर्तियाँ व आधुनिक पाठ्यक्रम: शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को तेजी से भरा जा रहा है और 150 से अधिक विद्यालयों को CBSE पाठ्यक्रम में बदला गया है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।


​जन शिकायतें सुनीं और मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश
​लोकार्पण समारोह के बाद शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों और बागवानों की जन समस्याओं व शिकायतों को सुना और अधिकांश का मौके पर ही निपटारा किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता और बागवानों के काम में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। जन समस्याओं का समयबद्ध निवारण और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है।


​इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
​कार्यक्रम में एसडीएम डॉ. मनु वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, पूर्व अध्यक्ष मोतीलाल डेल्टा, जिला परिषद (कलवोग वार्ड) सदस्य रेखा चौहान, बागी पंचायत प्रधान हरिप्रकाश सोखटा, रत्नाड़ी पंचायत प्रधान सुनील ठाकुर, कोटखाई BDC अध्यक्ष विद्या राजटा, उपाध्यक्ष सुनील राजटा, BDC सदस्य शिशुपाल शर्मा, लायक राम शर्मा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


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