नशा मुक्त हिमाचल अभियान सुन्नी में ब्रह्माकुमारीज का आध्यात्मिक सम्मेलन

सुन्नी की माटी से निकले वरिष्ठ राजयोगी भ्राता प्रकाश ने शिव बाबा की सेवा में समर्पित किया जीवन, ओम शांति भवन में गूंजा ‘नशा मुक्त हिमाचल’ का ईश्वरीय संदेश

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​पंजाब दस्तक ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा की सुन्नी से ग्राउंड रिपोर्ट
​सुन्नी (शिमला)


प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय उप सेवा केंद्र ‘ओम शांति भवन’ सुन्नी में 13 सितंबर को राज्य स्तरीय वार्षिक आध्यात्मिक सम्मेलन एवं ‘नशा मुक्त हिमाचल अभियान’ का भव्य व गरिमामय शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की पावन धारा बही, जिसमें प्रदेश भर से आए लगभग 450 भाई-बहनों और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।


​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम सुन्नी (शिमला ग्रामीण) भ्राता राजेश वर्मा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन (माउंट आबू) से वरिष्ठ राजयोगी भ्राता प्रकाश तथा ब्रह्माकुमारीज़ धार्मिक प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा ब्रह्माकुमारी मनोरमा बहन (प्रयागराज) विशेष रूप से मंच पर आसीन रहे। इस पावन अवसर पर शिमला ग्रामीण से पूर्व भाजपा प्रत्याशी रहे पूर्व एचएएस अधिकारी डॉ. प्रमोद शर्मा ने भी विशेष रूप से शिरकत की और मंच से अपने विचार साझा किए।


​8 वर्ष की आयु में शिव बाबा के चरणों में समर्पण, सादगी और त्याग की प्रतिमूर्ति भ्राता प्रकाश
सुन्नी क्षेत्र के लिए यह अत्यंत पावन और भावुक क्षण रहा कि इसी धरा की संतान वरिष्ठ राजयोगी भ्राता प्रकाश शिव बाबा के ईश्वरीय महायज्ञ में अनवरत अपनी सेवाएं समर्पित कर रहे हैं। मात्र 8 वर्ष की बाल्यकाल अवस्था में ही उनके हृदय में परमात्मा शिव की ऐसी सच्ची लगन लगी कि उन्होंने सांसारिक आकर्षणों को त्यागकर स्वयं को मानव कल्याण और रूहानी सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन (माउंट आबू) को अपनी साधना स्थली बनाया और दशकों से ईश्वरीय ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के पुनीत कार्य में लीन हैं।


​भ्राता प्रकाश का जीवन संस्था के मूल सिद्धांतों—’कम बोलो, धीरे बोलो, मीठा बोलो और सत्य बोलो’ का प्रत्यक्ष स्वरूप है। शिव बाबा की निरंतर स्मृति में स्थित रहकर श्रेष्ठ कर्म करने वाले भ्राता प्रकाश की सादगी और आध्यात्मिक प्रभाव का सम्मान देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा भी किया जाता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं सांसद समय-समय पर संस्था के आध्यात्मिक आदर्शों से प्रेरणा लेते हैं, जिसमें प्रकाश भाई जी का सेवा-भाव सदैव अग्रिम पंक्ति में दिखाई देता है।


​आध्यात्मिक चेतना से ही सुरक्षित रहेगी युवा पीढ़ी: एसडीएम राजेश वर्मा
समारोह के मुख्य अतिथि एसडीएम राजेश वर्मा ने ‘नशा मुक्त हिमाचल अभियान’ का ध्वज सुन्नी उप सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी शकुंतला बहन को सौंपा। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनें अध्यात्म द्वारा लोगों को नशे सहित अनेक बुराइयों को छोड़ने के लिए जो राजयोग का प्रशिक्षण गांव-गांव में जाकर दे रही हैं, वह निसंदेह प्रशंसनीय है। उन्होंने बहनों से पुरजोर आग्रह किया कि भविष्य में भी ऐसे ही कार्यक्रम जगह-जगह और गांव-गांव में निरंतर आयोजित किए जाएं ताकि हमारी भावी पीढ़ी का जीवन बचाया जा सके।


​मनोरमा बहन के सारगर्भित प्रवचनों ने जीता दिल
विशेष रूप से प्रयागराज से पधारीं ब्रह्माकुमारी मनोरमा बहन ने ‘नशा मुक्त हिमाचल अभियान’ पर अपने सारगर्भित प्रवचन द्वारा पूरे सभागार का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा कि आत्म-जागृति और आंतरिक शांति के बिना व्यसनों की मानसिक जकड़न से मुक्त होना संभव नहीं है। जब मनुष्य अपनी आत्मिक शक्ति को पहचानता है, तभी वह हर बुराई पर सहज विजय प्राप्त कर सकता है।


​केवल मेडिटेशन तकनीक से ही संभव है मन की शांति: पूर्व सांसद सुरेश चंदेल
हिमाचल प्रदेश से तीन बार सांसद रहे भ्राता सुरेश चंदेल ने सभी लोगों से आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम अपने स्तर पर जीवन में खुशी और शांति लाने के बहुत से उपाय कर चुके हैं, लेकिन ऐसा तो प्राचीन ऋषि-मुनि भी पूरी तरह नहीं कर पाए। आज के युग में केवल राजयोग मेडिटेशन की तकनीक से ही मन की सच्ची और स्थायी शांति प्राप्त की जा सकती है।
​पंजाब से पधारे वरिष्ठ राजयोगी भ्राता राकेश ने अपने आध्यात्मिक जीवन के प्रेरणादायी अनुभव सुनाते हुए लोगों को चिंतामुक्त, भयमुक्त, विचारमुक्त और व्यसनमुक्त जीवन जीने के व्यावहारिक उपाय बताए।


​सबसे घातक नशा है ‘देह-अभिमान’: भ्राता रेवा दास
अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय से पधारे वरिष्ठ राजयोगी भ्राता रेवा दास ने अपने ओजस्वी संबोधन में एक गंभीर सत्य उजागर किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल चिट्टा ही नहीं, बल्कि शराब भी है जिससे हर वर्ष सड़क हादसों में लाखों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। लेकिन ब्रह्माकुमारीज़ का यह स्पष्ट मानना है कि संसार में सबसे बड़ा और सबसे खराब नशा ‘देह-अभिमान’ का है। इसी देह-अभिमान के कारण यह संसार, जो कभी स्वर्ग कहलाता था, आज नर्क बन गया है। बाकी नशा तो घर में सभी सदस्य नहीं करते, लेकिन यह देह-अभिमान का नशा तो हर कोई—चाहे किसी भी देश, जाति, धर्म या आयु वर्ग का हो—उसमें बुरी तरह चूर है। इससे मुक्ति केवल आत्म-अभिमानी बनकर ही पाई जा सकती है।


​डॉ. प्रमोद शर्मा ने की अभियान की सराहना
पूर्व भाजपा प्रत्याशी व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी डॉ. प्रमोद शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देवभूमि को नशे के चंगुल से मुक्त कराने के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा गांव स्तर पर चलाया जा रहा यह अभियान ऐतिहासिक है और हर नागरिक को इसमें कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करना चाहिए।


​कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एसडीएम राजेश वर्मा, मंच पर आसीन विशिष्ट अतिथियों, किन्नौर से आए डॉ. कुलदीप मेहता, नगर पंचायत सुन्नी की अध्यक्षा बहन सत्या वर्मा तथा शहर के समस्त गणमान्य व्यक्तियों को संस्था की ओर से ईश्वरीय सौगात तथा पावन टोली (प्रसाद) भेंट कर सम्मानित किया गया।


​समारोह के समापन पर परमात्मा शिव बाबा को बड़े ही श्रद्धा-भाव से भोग स्वीकार कराया गया, जिसके उपरांत उपस्थित सभी भाई-बहनों और अतिथियों को बड़े ही आदर और रूहानी स्नेह के साथ ब्रह्मा भोजन कराया गया।
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