बद्दी (पंजाब दस्तक ब्यूरो/वरिष्ठ पत्रकार मीनाक्षी):
पवित्र देवभूमि हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में युवाओं की रगों में नशे का धीमा जहर घोलने वाले सौदागरों के खिलाफ बद्दी पुलिस ने निर्णायक और कड़ा प्रहार किया है। पुलिस ने नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ते हुए आरोपी राहुल गुप्ता और उसके परिजनों द्वारा बनाई गई करीब 1.97 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध चल-अचल संपत्ति को पूरी तरह फ्रीज कर दिया है। इस बड़ी कानूनी कार्रवाई पर नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक ने भी अंतिम मुहर लगा दी है।
बाहर से आकर देवभूमि में बिछाया जहर का मकड़जाल
मूल रूप से जिला सारण (बिहार) से आकर बद्दी में ठिकाना बनाने वाला आरोपी राहुल गुप्ता पुत्र संतोष शाह क्षेत्र में जहर का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने इसके कब्जे से 10.330 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। 10 किलो से अधिक गांजे की बरामदगी साफ इशारा करती है कि यह सिर्फ अकेला तस्कर नहीं, बल्कि छोटे-छोटे पैडलरों के जरिए घर-घर नशा पहुंचाने वाले सिंडिकेट का मुख्य चेहरा है। रिमांड के दौरान पुलिस को इस पूरे नेटवर्क, इसके खरीदारों और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंक्स की कड़ियों को पूरी तरह बेनकाब करना होगा ताकि पूरे गिरोह की जड़ें कट सकें।
काली कमाई से खड़े किए गए अवैध साम्राज्य का ब्योरा
दूसरों के घरों के चूल्हे बुझाकर और नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर जुटाई गई संपत्तियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है:
तिमंजिला आलीशान भवन व जमीन: लक्ष्मी नारायण कॉलोनी, वार्ड नंबर-7 (बद्दी) स्थित 6 बिस्वा जमीन और उस पर निर्मित 3 मंजिला मकान, जिसकी आंकी गई कीमत करीब 1,97,64,271 रुपये है।
लग्जरी स्कॉर्पियो-एन: काली कमाई से खरीदी गई करीब 24,69,725 रुपये की नई स्कॉर्पियो-एन गाड़ी।
बैंक खाते: विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 1,42,259 रुपये की नकदी।
कानून की हर गली हो बंद, समाज करे संपूर्ण बहिष्कार
नशे के इस घिनौने धंधे में शामिल अपराधियों के खिलाफ अदालत में ऐसी पुख्ता पैरवी और नियम होने चाहिए ताकि कोई भी आरोपी कानूनी बारीकियों या झूठी दलीलों की आड़ लेकर साफ न बच सके। न्याय व्यवस्था और वकीलों को भी समाज के इन दुश्मनों के प्रति बेहद सख्त रुख अपनाना होगा।
इसके साथ ही, बाहरी राज्यों से आकर देवभूमि को कलंकित करने वाले ऐसे तत्वों का जनता को पूर्ण सामाजिक बहिष्कार (Social Boycott) करना होगा। इन्हें मकान, दुकान या कोई भी शरण देने से पहले हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, ताकि देवभूमि की आने वाली पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।

