धर्मशाला (वरिष्ठ पत्रकार भेषज):
पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज की हसीन वादियों में चल रहे नशे के घिनौने खेल पर कांगड़ा पुलिस ने जोरदार चोट की है। खुद डीआईजी (नॉर्दर्न रेंज) सौम्या सांबशिवन ने मोर्चा संभालते हुए अपर भागसूनाग स्थित ‘जंगल कॉलिंग’ कैफे में चल रही सीक्रेट रेव पार्टी का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस की इस ताबड़तोड़ दबिश से नशा माफिया और अवैध पार्टी आयोजकों के होश उड़ गए।
सीक्रेट ऑनलाइन ग्रुप्स से बिछाया गया था नशे का जाल
जांच में रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे हुए हैं। 22 और 23 अगस्त की दरमियानी रात आयोजित इस महफिल में युवाओं और पर्यटकों को खींचने के लिए सोशल मीडिया और सीक्रेट क्लोज्ड ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए गुप्त कोड में प्रचार चल रहा था। पुलिस की साइबर टीम ने इस पूरे डिजिटल खेल के स्क्रीनशॉट और पुख्ता सबूत जब्त कर लिए हैं। कैफे के पास शराब परोसने का कोई लाइसेंस तक नहीं था, फिर भी खुलेआम जाम छलकाए जा रहे थे।
छापेमारी में मौके से बरामद नशीली खेप:
25.94 ग्राम चरस
5.35 ग्राम गांजा
1.25 ग्राम चिट्टा (हेरोइन)
19 कैन अवैध बीयर
कैफे मालिक और बंगाल का साथी सलाखों के पीछे
रेड पड़ते ही कैफे में भगदड़ मच गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कैफे संचालक राकेश कुमार और पश्चिम बंगाल निवासी बिजित भट्टाचार्य को मौके से धर दबोचा। दोनों आरोपियों के खिलाफ मैक्लोडगंज थाने में एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर शिकंजा कस दिया गया है।
डीआईजी की दो टूक चेतावनी: “संगीत के नाम पर जहर परोसने वाले नहीं बचेंगे”
डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने सख्त लहजे में कहा कि कला और संगीत के नाम पर नौजवान पीढ़ी को नशे के दलदल में धकेलने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पर्यटन स्थलों पर रेव पार्टी का यह चलन बर्दाश्त के बाहर है। पुलिस की रडार पर अब ऐसे सभी अवैध ठिकाने हैं और नशे के सौदागरों के खिलाफ यह अभियान और तेज होगा।
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