पंजाब दस्तक (विशेष ब्यूरो चीफ, चंडीगढ़)
रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा
चंडीगढ़: देश के करोड़ों युवाओं और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपना बड़ा वादा पूरा कर दिया है। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) बिल’ यानी ‘पेपर लीक रोधी बिल’ लोकसभा के बाद आज राज्यसभा में भी सर्वसम्मति और भारी बहुमत से पास हो गया है। दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के साथ ही अब देश में पेपर लीक के खिलाफ एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा कानून बन चुका है।
उच्च सदन राज्यसभा में इस महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद राघव चड्ढा ने अपने जाने-पहचाने प्रखर और तीखे अंदाज में ज़ोरदार भाषण दिया। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई भर्ती धांधलियों से लेकर कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और UPA शासनकाल के दौरान हुए बड़े पेपर लीक घोटालों की पोल खोलकर रख दी।
भाषण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति अपनी जगह हो सकती है, लेकिन युवाओं के भविष्य के लिए पेपर लीक रोकने के लिए सख्त संस्थागत ढांचे और कड़े कानूनों की ही जरूरत थी, जिसे मोदी सरकार ने दोनों सदनों से पास कराकर लागू कर दिया है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार की धांधलियों और धमकियों का आरोप
सदन को संबोधित करते हुए सांसद ने पंजाब की AAP सरकार के दौरान प्रशासनिक व भर्ती प्रणाली में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया:
फार्मेसी ऑफिसर भर्ती: परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए लाइव चीटिंग कराई गई और चीटिंग सिंडिकेट द्वारा अभ्यर्थियों से 13-13 लाख रुपये वसूले गए।
नायब तहसीलदार व अन्य परीक्षाएं: नायब तहसीलदार भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ। इसके साथ ही PSEB 12वीं अंग्रेजी का पेपर, PSTET शिक्षक भर्ती, प्रोफेसर भर्ती और कृषि अधिकारी भर्ती के पेपर भी लीक हुए।
फर्जी मेरिट लिस्ट: एक्साइज एंड टैक्सेशन इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की मेरिट सूची में फर्जी नाम शामिल कर नतीजे जारी करने के गंभीर आरोप लगाए।
सरकारी खजाने और एजेंसियों के दुरुपयोग का दावा:
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार सरकारी पैसे का दुरुपयोग करके मुंबई स्थित एजेंसियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा, गाली-गलौज और धमकियों का अभियान चला रही है।
कर्नाटक और UPA शासन के घोटालों का सार्वजनिक रिकॉर्ड
कांग्रेस शासित राज्यों और पूर्ववर्ती UPA सरकार के कार्यकाल का रिकॉर्ड सामने रखते हुए उन्होंने कहा:
कर्नाटक SSLC व केमिस्ट्री पेपर लीक: कर्नाटक में इसी साल SSLC का पेपर ₹200 में ऑनलाइन बिकता पाया गया। वहीं 2016 के 2nd PUC केमिस्ट्री पेपर लीक मामले में तत्कालीन मंत्री के PA को 10-10 लाख रुपये में पेपर बेचते गिरफ्तार किया गया था।
UPA कार्यकाल (2004-2014): UPA सरकार के दौरान AIIMS PG (2006), रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (2009), AIEEE (2011) और SSC CGL (2013) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं लीक हुईं, लेकिन उस समय कोई सख्त कानून नहीं बनाया गया।
राजनीतिक याददाश्त भले सिलेक्टिव हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड कभी नहीं मिटता। कैंसर का इलाज क्रोसिन खाकर नहीं हो सकता; पेपर लीक रोकने के लिए सख्त संस्थागत ढांचे और कड़े कानूनों की जरूरत है, जो अब मोदी सरकार ने दोनों सदनों से पास कराकर देश को दिया है।
राघव चड्ढा (सांसद, राज्यसभा, भाजपा)
”अगला टारगेट मैं होऊंगा, पंजाब सरकार रच सकती है मनगढ़ंत मुकदमा”
भाषण के समापन पर सांसद ने अंदेशा व्यक्त करते हुए कहा:
“सूत्रों के मुताबिक अगला टारगेट मैं होऊंगा। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार मेरे खिलाफ कोई मनगढ़ंत मुकदमा बनाने का प्रयास कर रही होगी, क्योंकि इन्होंने हमारी छवि को खराब करने का हर संभव प्रयास किया है। मैं देश की जनता और सदन को पहले ही इस साजिश से सूचित कर देना चाहता हूं।”
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