पंजाब दस्तक, चंडीगढ़
चंडीगढ़ (विशेष ब्यूरो चीफ सुरेंद्र राणा):
देश भर में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की पारदर्शिता और विवादों को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने सरकारों की जवाबदेही पर एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा किया है। ‘पंजाब दस्तक’ से खास बातचीत करते हुए अजय जडेजा ने स्पष्ट कहा कि जवाबदेही का पैमाना हर सरकार और हर राजनीतिक दल के लिए बिल्कुल समान होना चाहिए।
जवाबदेही का दोहरा रवैया क्यों?
बातचीत के दौरान पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने सवाल उठाया कि:
”यदि नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया, तो फिर राज्यों के शिक्षा मंत्री अपनी बारी पर चुप्पी क्यों साध लेते हैं?”
उन्होंने पंजाब और कर्नाटक के उदाहरण देते हुए सीधे सवाल पूछे:
पंजाब: ‘पंजाब फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा’ में सामने आए बड़े घोटाले के बाद भी पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया?
कर्नाटक: राज्य की प्रारंभिक परीक्षाओं का पेपर लीक होने जैसी गंभीर घटना के बाद भी कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा अपने पद पर क्यों बने हुए हैं?
”सिद्धांत हर जगह एक जैसा लागू होना चाहिए”
अजय जडेजा ने जोर देकर कहा कि अगर केंद्र सरकार में किसी विवाद पर इस्तीफा देना नैतिक जिम्मेदारी और जवाबदेही का मानक माना जाता है, तो वही सिद्धांत और मापदंड राज्यों में भी बिना किसी भेदभाव के लागू होने चाहिए। अलग-अलग राज्यों और दलों के लिए जवाबदेही के दोहरे पैमाने लोकतंत्र और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।
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