कुल्लू (उमांशी राणा):
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी (पार्वती घाटी) में सोशल मीडिया के माध्यम से अवैध ‘रेव पार्टी’ का प्रचार करने पर कुल्लू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि जिला प्रशासन द्वारा पार्वती घाटी में इस प्रकार की किसी भी अवैध पार्टी या रेव पार्टी के आयोजन के लिए कोई अनुमति प्रदान नहीं की गई है।
फेरी फॉरेस्ट में तीन दिवसीय आयोजन का किया जा रहा था दावा
सोशल मीडिया पर जारी प्रचार सामग्री में दावा किया गया था कि आगामी सितंबर महीने में पुलगा के फेरी फॉरेस्ट में ‘करहाना प्रोजेक्ट’ के तहत एक तीन दिवसीय आयोजन किया जाएगा। देवदार के जंगलों के बीच संगीत, प्रकृति और आपसी जुड़ाव पर आधारित इस कार्यक्रम के लिए साइकेडेलिक संगीत और विशेष अनुमतियों का भ्रामक प्रचार किया जा रहा था। इस पोस्ट में संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी साझा किया गया था।
इन क्षेत्रों में लागू है पूर्ण प्रतिबंध
गौरतबल है कि कुल्लू के उपायुक्त (डीसी) द्वारा नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी आदेशों के अनुसार कसोल, मणिकरण, तोष, पुलगा, ग्रां तथा बरसैणी क्षेत्रों में इस प्रकार की पार्टियों के आयोजन एवं उनके प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है।
एसपी कुल्लू मदन कौशल ने बताया कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने और सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने के मामले में पुलिस थाना मणिकरण में संबंधित इंस्टाग्राम यूजर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों पर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेव पार्टियों पर हाई कोर्ट भी जता चुका है नाराजगी
घाटी में होने वाली अवैध रेव पार्टियों पर माननीय हाई कोर्ट भी कड़ी नाराजगी जता चुका है। अदालत ने जून 2023 में कसोल के निकट ग्रां क्षेत्र में ग्रीन फॉरेस्ट-1 और ग्रीन फॉरेस्ट-2 में 7 से 11 जून के बीच आयोजित एक संगीत कार्यक्रम पर स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें ₹10,000 से ₹16,000 तक के टिकट बेचे जाने की जानकारी सामने आई थी। अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार सहित कुल्लू के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
