मुख्यमंत्री से मिले करुणामूलक आश्रित, लंबित भर्ती मामलों में जल्द नियुक्तियों की मांग

करुणामूलक स्वीकृत मामलों में एक महीने के भीतर दी जाएं नियुक्तियां: प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मिले सैकड़ों करुणामूलक आश्रित

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​विशेष रिपोर्ट: सुरेंद्र राणा
​शिमला। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों में करुणामूलक नौकरियों का इंतजार कर रहे सैकड़ों करुणामूलक आश्रितों ने आज शिमला में माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात की। करुणामूलक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में पहुंचे सैकड़ों करुणामूलक आश्रितों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी जलती हुई समस्याओं को रखा और एक मांग पत्र सौंपकर स्वीकृत मामलों में एक महीने के भीतर नियुक्तियां प्रदान करने की रिक्वेस्ट की।


​इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान संगठन के मीडिया प्रभारी गगन कुमार, संगठन सचिव गुलशन कुमार सहित प्रदेश भर से आए सैकड़ों करुणामूलक आश्रित मौजूद रहे।


​सचिवालय और वित्त विभाग में फंसे हैं 1100 के करीब मामले: अजय कुमार
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने मुख्यमंत्री से इन करुणामूलक आश्रितों की नौकरी के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की अधिसूचना (नोटिफिकेशन दिनांक 08/10/2025, नंबर: Fin-F(F)-1/2025) के तहत करुणामूलक मामलों में मिली छूट और 3 लाख रुपये की फ्लैट आय सीमा के बाद स्क्रीनिंग पास किए हुए लगभग 1100 मामले विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और यूनिवर्सिटीज के चयनित हो चुके हैं। लेकिन ये समस्त मामले पिछले लंबे समय से सेक्रेटरी लेवल (सचिवालय स्तर) या वित्त विभाग में फंसे हुए हैं।


​अजय कुमार ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे सभी विभागों को कड़े आदेश जारी करें ताकि इन मामलों को जल्द निपटाया जाए, इनके टाइपिंग टेस्ट लिए जाएं और ‘क्लास सी’ व ‘क्लास डी’ में एक महीने के भीतर नियुक्तियां दी जाएं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इन करुणामूलक आश्रितों को नौकरी से वंचित रखा गया है और इस सरकार में भी कम से कम 3 साल से वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।


​रिजेक्ट केसों के लिए आय सीमा 3 लाख फ्लैट करने और अधिसूचना की अवधि बढ़ाने की मांग
करुणामूलक संघ ने मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया कि सरकार द्वारा हाल ही में रिजेक्ट हो चुके केसों को दोबारा कंसीडर करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी की गई है, परंतु इस नई नोटिफिकेशन में आय सीमा को 3 लाख रुपये फ्लैट नहीं दर्शाया गया है।
​संघ ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि पूर्व की अधिसूचना (नंबर: Fin-F(F)-1/2025) की अवधि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक किया जाए, ताकि जो केस 3 लाख के दायरे में आ रहे हैं और पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं, उन्हें इसका पूरा लाभ मिल सके।


​मुख्यमंत्री ने दिया त्वरित कार्रवाई और नियुक्तियों का आश्वासन
सैकड़ों करुणामूलक आश्रितों की इन जायज मांगों और मांग पत्र को सुनने के बाद माननीय मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मांग पत्र पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिया कि जल्द ही इन करुणामूलक आश्रितों को नौकरी दी जाएगी और रिजेक्ट केसों के लिए भी फ्लैट 3 लाख रुपये की आय सीमा पर सरकार द्वारा गंभीरता से विचार किया जाएगा।
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