पंजाब दस्तक
GROUND REPORT: सुजानपुर (हमीरपुर)
विशेष कवरेज: उमांशी राणा
संस्कृत श्लोक:
अन्यायेन नृपो राष्ट्रं यः करोति वशं बलात्।
न स तिष्ठति दीर्घकालं जनक्रोधेन नश्यति॥
(अर्थ: जो शासक अन्याय और बलपूर्वक जनता या उनके प्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर सत्ता हथियाता है, वह अधिक समय तक नहीं टिकता; प्रबुद्ध जनता का आक्रोश अंततः ऐसी तानाशाही को समाप्त कर देता है।)
सुजानपुर: नगर परिषद सुजानपुर में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के नाम पर जो कुछ भी हुआ, उसने राजनीतिक मर्यादाओं को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। यह चुनाव नहीं, बल्कि सरेआम प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग कर खेला गया एक तमाशा था। जो लोग मंचों से ‘बोर्ड चोरी’ का शोर मचाते थकते नहीं थे, आज खुद सत्ता के अहंकार में सरेआम बोर्ड चोरी करते रंगे हाथों पकड़े गए हैं। पार्षदों को डरा-धमका कर, खड़ा करवा कर और दबाव की राजनीति के दम पर अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी हथियाई गई है। जनता की चुनी हुई आवाज को सत्ता के रसूख के नीचे बेरहमी से दबा दिया गया।
📢 क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही है व्यवस्था परिवर्तन?
सुजानपुर की प्रबुद्ध जनता आज प्रशासन और प्रदेश सरकार से एक ही सवाल पूछ रही है—क्या इसी को लोकतंत्र बोलते हैं? क्या जनता के मत का कोई मूल्य नहीं रह गया है? अपनी ताकत दिखाने के लिए जिस तरह से प्रशासन की गोदी में बैठकर चेयरमैन और सत्तापक्ष के लोग वहां पहुंचे और दबाव बनाकर यह सीट झटकी, उसने यह साफ कर दिया कि धरातल पर जनमत उनके साथ नहीं था। सुजानपुर की जागरूक जनता यह जानना चाहती है कि आखिर कब तक इस तरह से तंत्र का इस्तेमाल करके जनता के अधिकारों पर डाका डाला जाता रहेगा?
🔥 पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के नेतृत्व में फूटा भाजपा का गुस्सा
इस प्रशासनिक तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आज पूरे सुजानपुर शहर में भाजपा समर्थित पार्षदों और सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर दिखाई दिया। प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ एक विशाल और घोर विरोध प्रदर्शन रैली निकाली गई। इस महा-आक्रोश रैली का नेतृत्व और अध्यक्षता भूतपूर्व विधायक और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया वरिष्ठ स्पोर्ट्स पर्सन राजेंद्र राणा ने की।
रैली सुजानपुर के सभी प्रमुख वार्डों, बाजारों और चौराहों से होती हुई गुजरी। पूरे सुजानपुर शहर में सरकार विरोधी और “लोकतंत्र की हत्या बंद करो” के नारों की गूंज सुनाई दे रही थी। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं और चेहरे पर इस प्रशासनिक धक्केशाही के खिलाफ साफ आक्रोश देखा जा सकता था।

💬 “प्रशासन के सहारे चुराई गई पार्षदों की आवाज” – राजेंद्र राणा
रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राणा ने तीखे शब्दों में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा:
”सुजानपुर में जो हुआ, वह देवभूमि की राजनीतिक परंपराओं पर एक गहरा दाग है। पार्षदों पर सरेआम दबाव बनाकर उनकी अंतरात्मा की आवाज को चुराया गया है। जो लोग ईमानदारी का ढोंग रचते थे, आज उनके चेहरे से मुखौटा उतर चुका है। जनता सब देख रही है और इस तानाशाही का जवाब आने वाले समय में सुजानपुर की यही प्रबुद्ध जनता बहुत कड़ाई से देगी। हम इस अन्याय के खिलाफ चुप बैठने वाले नहीं हैं।”
इस मौके पर भाजपा समर्थित पार्षदों ने भी दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें स्वतंत्र रूप से अपने मत का प्रयोग नहीं करने दिया गया और पूरी चयन प्रक्रिया को प्रशासनिक दबाव के साये में अंजाम दिया गया।
🗳️ 2027 विधानसभा चुनाव में सुजानपुर की जनता देगी इस ‘तमाशे’ का करारा जवाब
आज सुजानपुर के बाजारों में उमड़ा यह जन-आक्रोश सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद भी है। रैली में शामिल प्रबुद्ध नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि सत्ता के रसूख और प्रशासनिक लाठी के दम पर कुछ समय के लिए कुर्सियां तो हथियाई जा सकती हैं, लेकिन जनता के दिलों को नहीं जीता जा सकता।
सुजानपुर शहर के हर कोने से आज एक ही आवाज गूंज रही थी कि लोकतंत्र की इस खुली हत्या और पार्षदों की आवाज चुराने का पाई-पाई का हिसाब आने वाले विधानसभा चुनाव में चुकता किया जाएगा। जनता बेहद खामोशी और बारीकी से सत्ता के इस अहंकार को देख रही है और वक्त आने पर अपने वोट की ताकत से इस ‘बोर्ड चोरी’ के तमाशे का ऐसा उत्तर देगी जिसे यह सत्ताधीश कभी भूल नहीं पाएंगे।
- पंजाब दस्तक ब्यूरो, सुजानपुर (हमीरपुर)।
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