ब्यूरो चीफ
पंजाब दस्तक
शिमला: राजधानी शिमला में हुए एक महिला हत्याकांड के मामले में शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हरियाणा के रोहतक से दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की उम्र 22 और 25 वर्ष है।
पुलिस कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया:
एएसपी अभिषेक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाया है। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हरियाणा नंबर की कार पर फर्जी ‘एचपी 10’ सीरीज की नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस ने गाड़ी की वास्तविक पहचान स्थापित कर उन्हें दबोचा। एएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शिमला लाया जा रहा है, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस उनसे गहन पूछताछ करेगी। इस मामले में अभी तक शिमला पुलिस कई संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है और इस कड़ी में अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाया जाएगा।
शिक्षा के मंदिरों में ‘पैसे का खेल’ और छात्रों का आक्रोश:
एक तरफ शिमला में अपराध का यह मामला है, तो दूसरी तरफ शहर के शिक्षण संस्थानों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्रों का आरोप है कि जिन शिक्षण संस्थानों को ‘विद्या का मंदिर’ माना जाता था, वे अब केवल कमाई का अड्डा बनकर रह गए हैं।
छात्रों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि नए प्राइवेट स्कूल और कॉलेज खुलने के पीछे शिक्षा का प्रसार कम और एक-एक पैसे का खेल अधिक है। लंबे समय से चल रही इस व्यवस्था के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय छात्र परेशान हैं। छात्रों ने अपील की है कि इन संस्थानों की कार्यप्रणाली की जांच हो ताकि वे फिर से शिक्षा के केंद्र बन सकें, न कि केवल मुनाफा कमाने का जरिया।
शिमला पुलिस की यह दोहरी चुनौती है—एक तरफ अपराधियों पर नकेल कसना और दूसरी तरफ समाज में फैल रहे इस भ्रष्टाचार के प्रति भी सख्ती बरतना।
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सुरेंद्र राणा
ब्यूरो चीफ, पंजाब दस्तक
